राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर पार्षद प्रत्याशियों के साथ बैठक की और टिकट वितरण में हुई गड़बड़ी की भी जानकारी ली।
–
कांग्रेस ने रेवड़ियों की तरह बांटीं पार्षद के लिए टिकटें
मथुरा। कांग्रेस में गुटबंदी और वर्चस्व की लड़ाई में कई कर्मठ कार्यकर्ता दरकिनार कर दिए गए। वार्ड पार्षदों के लिए टिकट वितरण में अनदेखी से कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है। जिन लोगों ने पार्षद की टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए आवदेन किया उनके सपने धरे रह गए और टिकट वितरण की भूमिका निभा रहे पार्टी संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने कई लोगों को बी फार्म दे दिए। नामांकन की जांच में इन सबको निर्दलीय मान लिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय से प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान को 70 बी फार्म देकर भेजा था। वह मथुरा में 16 अप्रैल को आए। यह सब बी फार्म बिना नाम लिखे हुए थे। इसकी जानकारी लगते ही कुछ दावेदारों ने उनसे रास्ते में ही बी फार्म हासिल कर लिए। इसके बाद वे महानगर अध्यक्ष सहित संगंठन के कई पदाधिकारियों के संपर्क में आए और उन्हें बी फार्म दिए। बाकी बचे करीब 28 बी फार्म महानगर अध्यक्ष मदनमोहन शर्मा को दे दिए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ दावेदारों ने बी फार्म की रंगीन फोटो स्टेट कराकर बेचना शुरू कर दिया और अपने चहेतों को कई वार्डों से नामांकन करा दिया। उधर, महानगर अध्यक्ष ने दावेदारों को बी फार्म दिया और वे नामांकन दाखिल करने पहुंचे तब तक उनके वार्ड से दूसरे लोग नामांकन दाखिल कर जा चुके थे। इससे टिकट मांग रहे अधिकतर पार्षद पद के दावेदार पार्टी के चिह्न से फार्म तक नहीं भर सके, जो भर चुके थे उनके नामांकन भी पार्टी के नहीं माने गए। इस पूरे मामले में शहर अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा ने वीडियो वायरल की है और प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि प्रकाश प्रधान ने बताया कि जिले के कांग्रेसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने बी फार्म दिए हैं। जो बच गए थे वह महानगर अध्यक्ष को दिए हैं। किसी ने बी फार्म वितरण की जिम्मेदारी नहीं निभाई। दो बार तो उनसे बी फार्म छीनने तक का प्रयास किया गया।
