हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा । सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिकों की योजनाओं का लाभ ले रहे अपात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा तथा धनराशि की भू राजस्व की तरह वसूली की जायेगी, भवन निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में अपात्रों ने सेंधमारी कर दी है, श्रमिक विभाग ने इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और धनराशि की वसूली की कार्यवाही शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। सहायक श्रम आयुक्त एमएल पाल के मुताबिक उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड द्वारा आदेश जारी किये गये हैं कि जिन कामगारों ने गलत जानकारी देकर योजनाओं का लाभ लिया है, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये, ऐसे लोगों के खिलाफ आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने के साथ ही भू राजस्व अधिनियम के तहत वसूली की प्रक्रिया अपनाई जायेगी, हालांकि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें काम करने वालों के लिए परिस्थितियां बदलती रहती हैं, हालांकि कई बार जिस समय कामगार द्वारा पंजीकरण कराया जाता है, उस वक्त वह इस क्षेत्र में कार्यरत था, बाद में उसने कोई दूसरा काम शुरू कर दिया लेकिन पंजीकरण होने की वजह से वह निर्माण कार्य के मजदूरों के हितों में चलाई जा रही योजनाओं का भी लाभ लेता रहा है ।
सहायक श्रम आयुक्त का कहना है कि ऐसे लोगों को भी अपात्र की श्रेणी में माना जायेगा और उनके खिलाफ भी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी, हालांकि ऐसे मजदूर अपना पंजीकरण निरस्त करा सकते हैं जिससे वह आरोपित होने से बच सकेंगे, वास्तविक रूप से जो निर्माण क्षेत्र के श्रमिक हैं, उन्हें ही योजनाओं का लाभ देने का नियम है, अपात्र श्रमिक इसके तहत किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं, अगर तथ्य छुपाकर लोग ऐसा करते हैं तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, वहीं दूसरी ओर जो लोग निर्माण श्रमिक के तौर पर कभी भी काम नहीं करते थे और उन्होंने गलत सूचनाएं देकर योजनाओं का लाभ लिया है, उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।
सहायक श्रम आयुक्त का कहना है कि ऐसे लोगों को भी अपात्र की श्रेणी में माना जायेगा और उनके खिलाफ भी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी, हालांकि ऐसे मजदूर अपना पंजीकरण निरस्त करा सकते हैं जिससे वह आरोपित होने से बच सकेंगे, वास्तविक रूप से जो निर्माण क्षेत्र के श्रमिक हैं, उन्हें ही योजनाओं का लाभ देने का नियम है, अपात्र श्रमिक इसके तहत किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं, अगर तथ्य छुपाकर लोग ऐसा करते हैं तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, वहीं दूसरी ओर जो लोग निर्माण श्रमिक के तौर पर कभी भी काम नहीं करते थे और उन्होंने गलत सूचनाएं देकर योजनाओं का लाभ लिया है, उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।
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Author: Vijay Singhal
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