हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छटीकरा स्थित डालमिया फार्म हाउस में काटे गए 454 हरे पेड़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने सु्प्रीम कोर्ट से 10 बिंदुओं पर सिफारिश की है। सीईसी ने 454 पेड़ काटने पर आरोपियों को दस गुना देसी प्रजाति के पेड़ लगाने और 4.54 करोड़ रुपये जुर्माना वसूलने के अलावा 8 बिंदुओं पर संस्तुति की है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीईसी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। साथ ही अवमानना का नोटिस भी जारी करने के निर्देश दिए हैं। 18 सितंबर की रात को जैंत थाना क्षेत्र स्थित 36 एकड़ में फैले डालमिया फार्म हाउस में 454 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया था। इस पर आगरा के पर्यावरणविद डाॅ. शरद गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीईसी की टीम 6 दिसंबर को मौके का निरीक्षण करने आई थी। निरीक्षण करने के बाद सीईसी ने 12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश के वन विभाग से मामले में की गई सीईसी की सिफारिशों पर जवाब मांगा है। वहीं, अब बिना अनुमति पेड़ काटने पुरुहर पेड़ के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। प्रति पेड़ एक लाख रुपये का जुर्माना, भूमि मालिक पर 4.54 करोड़ रुपये जुर्माना, वन विभाग वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत अपेक्षित जुर्माना वसूली, 454 पेड़ काटने पर दस गुना 4540 देसी प्रजाति के पेड़ लगाना, 9080 पेड़ भूमि मालिक लगाएगा, वन विभाग की देखरेख में नए पौधे लगाने के लिए भूमि मालिक जमीन उपलब्ध कराएगा, अवैध रूप से काटी गई पूरी लकड़ी को वन विभाग जब्त करेगा, जहां पौधरोपण होगा वहां मथुरा-वृंदावन विकास प्रा. की जिम्मेदारी होगी, टीटीजेड चेयरमैन हर तिमाही सीईसी को सभी शर्तों के अनुपालन की रिपोर्ट देंगे और भूमि मालिक पर दंडात्मक कार्रवाई हो। इन्हीं 10 बिंदुओं की सीईसी ने संस्तुति की है।
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Author: Vijay Singhal
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