हिदुस्तान 24 तुवि न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा जनपद में सस्ता गल्ला की दुकान से राशन की कालाबाजारी रोकने को सरकार ने ऑनलाइन राशन वितरण की व्यवस्था की है। जनपद की सभी 832 दुकानों पर ऑनलाइन राशन वितरण हो भी रहा है, लेकिन ऑनलाइन प्रणाली से राशन वितरण करने वाले कोटा धारक अपने खातों को आधार कार्ड से लिंक कराने में रूचि नहीं ले रहे हैं। इसके कारण जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों को उनका लाभांश खाते में भेजने में परेशानी हो रही है। जनपद में 827 सरकारी राशन की दुकान हैं। इसमें से छह दुकान बंद पड़ी हैं, जबकि 832 पर सरकार की मंशा के अनुरूप राशन वितरण हो रहा है। लोगों को ऑनलाइन खाद्यान्न सामग्री वितरण करने वाले कोटा धारक स्वयं अपने खातों को आधार कार्ड से लिंक नहीं करा रहे हैं। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिमाह आदेश जारी करते हैं, लेकिन राशन विक्रेताओं पर इसका कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। पिछले कई माह से राशन विक्रेताओं के खातों को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए पूर्ति विभाग के अधिकारी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन राशन विक्रेता इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन की मंशा है कि जिसके नाम दुकान है उसी के खाते में खाद्यान्न वितरण का लाभांश जाए। जिले की कई दुकानें ऐसी हैं जिसमें दुकान विक्रेता का नाम अलग है तथा जिसमें लाभांश जाता है वह खाता अलग है। इसके कारण पूर्ति विभाग के अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों को आधार कार्ड से खाता लिंक कराने के निर्देश दिए थे, ताकि दुकानदार के खाते में ही लाभांश जाए। इसका सत्यापन चल रहा है। जो दुकानदार ध्यान नहीं दे रहे हैं उनका लाभांश रोका जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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