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व्रन्दावन रोड के मुखराई मोड़ के समीप आग से जलीं 12 दुकानें

ByVijay Singhal

Apr 21, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राधाकुंड के वृंदावन रोड स्थित मुखराई मोड़ के समीप 12 से अधिक अस्थाई दुकानों में बृहस्पतिवार रात दो बजे आग लग गई। जानकारी मिलने पर गोवर्धन पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप कि सूचना देने के करीब 2 घंटे बाद दमकल टीम जिला मुख्यालय से पहुंची। तब तक अधिकांश दुकानें व सामान जल चुकी थी। नुकसान के कारण पीड़ित दुकान स्वामी रो-रो कर बेहाल हैं। स्थानीय लोग और दमकल कर्मियों की खासी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की घटना में दुकानदारों का लाखों का सामान जल गया। देर रात्रि हुए अग्निकांड के कारणों का पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों का मानना है कि सड़क किनारे लगे बिजली के तारों के चलते शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं। कुछ लोग शरारती तत्वों का कारनामा बता रहे हैं। दुकानों के भीतर रखे सिलिंडरों के फटने के धमाके दूर-दूर तक सुने गए। किशन लाल सिंह, कृष्णा ओझा, कमल, करण सिंह, राजेश, मुंशी बघेल, महेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, केशव देव, जीवन लाल, लज्जावती, कलुआ, इंद्रजीत दुकानदारों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित और गरीब दुकानदारों का कहना है कि दुकानों में आग लगने के कारण हमारा सब कुछ खत्म हो गया। प्रशासन हमारी मदद कर हमें पुनर्वास दिलाने की व्यवस्था करें। आग की सूचना पर गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर मेघ श्याम सिंह, एसडीएम कमलेश गोयल,लेखपाल ब्रज भूषण अवस्थी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आंकलन किया। अग्निकांड में हुए नुकसान को लेकर पीड़ितों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मदद की लगाई। एसडीएम ने पीड़ितों को मदद का भरोसा भी दिया। दुकानदार किशनलाल ने बताया कि अग्निकांड में हमारी दुकान में रखा सारा सामान जलकर गया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदार कमल सिंह ने बताया साहूकारों से कर्जा लेकर अपना परिवार का पालन करने के लिए दुकान खोली थी। दुकान में रखा सामान जल जाने के कारण मैं बेरोजगार हो गया। मुझे साहूकार का कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। लज्जावती ने बताया में अपने परिवार का पालन पोषण पराठे की दुकान लगाकर करतीं थीं। मेरे सामने अब परिवार का पालन पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है। अमृतलाल ने कहा कि समय रहते अग्निशमन वाहन आ जाता तो कुछ दुकानों को बचाया जा सकता था।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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