हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, संकल्प जनपद न्यायाधीश, मु श्री आशीष गर्ग जी के निर्देशानुसार आज दिनांक 18.04.2023 को जिला कारागार, मूहिक दृष्टि श्रीमती नीरू शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया गया गया।
इस अवसर पर जिला कारागार मुथ के जेल अधीक्षक श्री बृजेश कुमार, जेलर श्री महाप्रकाश सिंह, उप जेलर सुश्री करुणेश व श्री अनूप कुमार, जेल चिकित्सा अधिकारी श्री उत्पल सरकार व बंदी पराविका स्वयंसेवकगण आदि उपस्थित रहे। जिला करागार मुथरा में आज अवलोकन के दौरान कुल 1658 को बंधन निरूद्ध होना पाया गया। जिला कारागार पाकशाला का निरीक्षण करने के दौरान पाया गया कि पाकशाला में उचित परिधान में बंदियों द्वारा दोपहर का भोजन किए जाने की तैयारी की जा रही थी जिसमें रोटी, चावल, दाल चना और पालक की सब्जी का सामान पाया गया।

सचिव महाजन द्वारा जेल में रोज़े रखने वाले बंदियों को दी जाने वाली डाइट के संबंध में पूछा जाता है कि दस जेलर द्वारा बताया गया है कि बंदियों द्वारा रोज़े रखे जा रहे हैं दिन की व्यवस्था के अनुसार उन्हें उचित, कैली, दूध दही दिया जा रहा है। जेल परिसर के बैरक नंबर 7 व 8 के सचिव सर द्वारा निरीक्षण किया गया जिसमें निरुद्ध बंदियों से उनके प्रकरण एवं जमानत की स्थिति के संदर्भ में व्यक्तिगत वार्ता की गई। इसके अलावा उन्हें पैरवी फ्री फ्री वकीलों के बारे में भी बताया गया। ऐसे बंदियों की सूची भी तैयार की गई गई जमानत तो हो गई है उनके पास जमानत ना होने के कारण वे जेल में निरुद्ध हैं या कोर्ट में पेशी नहीं आ रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे बंदियों की सूची तैयार की गई जिसे आज न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया और उच्च न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।

महिला बंदियों का ज़िला कारागार की महिला बैरक में प्राथक से चिकित्सा केंद्र बनाया गया है, जिसमें एक महिला चिकित्सक और दो नर्सों द्वारा सप्ताह में एक दिन महिला बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मथुरा द्वारा महिला बैरक में निरुद्ध महिला बंदियों से बातचीत की गई और उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई।
उपस्थिति के दौरान बंदियों से नि:शुल्क न्यायिक सहायता वकील से संबंधित जानकारी ली गई, बुराइयों द्वारा बताया गया कि सभी के पास उनके व्यक्तिगत/सरकारी वकील मौजूद हैं बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या नहीं बताई गई। इसके अलावा सचिव महाजन द्वारा जेल न्यायालय ने लोक मामले में याचिका दायर करते हुए कहा कि जेल लोक अदालत के माध्यम से छोटे मुकदमों को जुर्म इकबाल करते हुए समाप्त किया जा सकता है जिसका लाभ जेल में निरूद्ध बंदियों द्वारा उठाया जा रहा है और जेल न्यायालय में पत्रावली लगवाए जाने के लिए बाध्य लोगों को भी प्रेरित किया गया। जिला कारागार में सफाई-सफाई पाई गई।
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