हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में दूसरे दिन शुक्रवार को नगर के संत एवं भागवताचार्य ने फिर समर्थन में बैठक की। रमणरेती मार्ग स्थित एक होटल में हुई बैठक में उन्होंने संत का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान के नारे लगाकर शास्त्री का विरोध करने वालों के प्रति रोष जताया। संत एवं धर्माचार्यों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध सनातन धर्म का विरोध माना। इसे संतों ने आगामी चुनावों में सनातन विरोधियों द्वारा सनातन के आईकॉन और उनके बढ़ते प्रभाव को चोट पहुंचाने का प्रयास बताया। उन्होंने सनातन बोर्ड बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संत गोविंदानंद तीर्थ एवं भागवताचार्य कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान गलत नहीं है, बल्कि समस्या उन लोगों की है जो उनके अर्थ को समझ नहीं पा रहे हैं। भगवान राम का अवतार मर्यादा की स्थापना और श्रीकृष्ण का जन्म लीलाओं के लिए हुआ। दोनों के प्रसंगों में अंतर स्वाभाविक है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सनातन, संत, धर्माचार्य, ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम देखने को मिलेगा। संतों ने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत सनातन धर्म और संतों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भारत में इस्लामी और ईसाईकरण जोरों पर है, जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके इस्लामी ईसाईकरण में सबसे बड़ी बाधा संत धर्माचार्य हैं। इसी वजह से संत धर्माचार्य को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें नीचा दि।खाया जा रहा है। यदि सनातन के ऋषि मुनि संत धर्माचार्य कथाकार ब्राह्मणों को टारगेट किया जाएगा तो आगामी चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
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धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में संतों की हुंकार पर अखिलेश यादव से बोले- कृष्ण जन्मभूमि के लिए चलाएं अभियान
