हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिघल
मथुरा। मधुमक्खी पालन कर अपनी आजीविका चला रहे जनपद के कई किसान 10 से अधिक स्वाद के शहद को तैयार कर रहे हैं। अलग-अलग वैरायटी का शहद तैयार करने के लिए वे पश्चिमी बंगाल के 24 परगना जिले से लेकर दक्षिणी जम्मू कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिलों में इन मक्खियों को लेकर जाते हैं। जिले में वर्षभर में लगभग 150 टन शहद का उत्पादन किया जाता है। इससे मधुमक्खी पालकों को 40 से 45 करोड़ रुपये की आमदनी हो रही है। जनपद में उद्यान विभाग की मदद से 35-40 किसान मधुमक्खी पालन के काम में जुटे हुए हैं। पिछले 24 वर्ष से इस कार्य को कर रहे किसान डॉ. बीनू रावत ने बताया कि वर्ष 2003 से 10 बक्सों के साथ इस काम को शुरू किया था। समय बदलता नई-नई जानकारी मिलीं तो कारोबार बढ़ता चला गया। मधुमक्खियों को समय और सीजन के अनुसार लाते हैं। इसमें पश्चिम बंगाल के 24 परगना, सुंदरवन, बिहार के मुजफ्फरपुर, नैनीताल, मप्र के शिवपुरी, आगरा, मथुरा और जम्मू कश्मीर के दक्षिणी जिलों से मधुमक्खी लेकर जाते हैं। हालांकि इसमें उनका काफी पैसा खर्च हो जाता है।
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बंगाल और कश्मीर की मधुमक्खियां ब्रज में बना रहीं शहद
