हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छाता-शेरगढ़ मार्ग स्थित एलाइंस डिस्टलरी में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर चावल की हो रही कालाबाजारी के मामले में चौकाने वाला मामला सामने आया है। डिस्टलरी प्रबंधन का कहना है कि ट्रकों में मक्का लादकर भेजना चाह रहे थे, गलती से चावल लद गया। इस बयान पर जांच अधिकारी भी चौंक गए हैं। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जांच के नाम पर डिस्टलरी प्रबंधन ने किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया है। बयान दर्ज कराने के नाम पर डिस्टलरी प्रबंधन गुमराह करता रहा। हालांकि कुछ अधिकारियों ने अपने बयान दिए तो वह कहने लगे कि ट्रकों में मक्का लादकर भेजना चाह रहे थे, लेकिन गलती से मक्का की जगह चावल लद गया। हालांकि गलती से लदा हुआ चावल कहां जा रहा था, इसके भी कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए। छह सदस्यीय जांच टीम ने डीएम को सौंपी अपनी रिपोर्ट में चावल की कालाबाजारी के लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक, महाप्रबंधक व सहायक महाप्रबंधक सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों को दोषी माना है। जांच टीम ने इस प्रकरण में सहायक आबकारी आयुक्त की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए विभागीय जांच के लिए कहा है। फिलहाल जांच रिपोर्ट डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के पास है। वह रिपोर्ट परखने के बाद शासन को भेजेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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