हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वो रात नहीं बल्कि साक्षात मौत का मंजर था। आज भी जब उस खौफनाक मंजर की याद आती है तो रूह कांप जाती है। यह शब्द उन बुजुर्ग के हैं, जिन्होंने बदमाशों की बर्बरता को न सिर्फ अपनी आंखों से देखा बल्कि दो घंटे तक सामना किया। बदमाशों ने उनके पैर बांधकर उल्टा करके जंगले से रस्सी बांधी दी थी और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। दो घंटे तक उन्हें इसी हाल में रहना पड़ा। डकैती की वारदात का शिकार टैंटीगांव निवासी अजय अग्रवाल के पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल आपबीती सुनाते हुए फफक पड़े। कहा बदमाशों ने घर में घुसते ही सबसे पहले उन्हें गहरी नींद से उठाया। पैर बांधकर जंगले से रस्सी बांधने के कारण दो घंटे तक उनका आधा शरीर बेड पर और पैर हवा में उठे रहे। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, वह सांस लेने के लिए छटपटे रहे लेकिन बदमाशों को तरस नहीं आया। बताया कि उस दौरान आंखों में जो डर था वह आज भी परिवार को सोने नहीं देता। बदमाश पूरे घर को खंगालते रहे और परिवार के सदस्य बेबस होकर अपनी बर्बादी देखते रहे। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है।
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Author: Vijay Singhal
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