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विदेशी भक्त जानते हैं यमुना की अहमियत, घाटों पर इसलिए कर रहे सफाई नेशनल प्रेस टाइम्सः ब्यूरो मथुरा। यमुना और घाटों पर व्याप्त गंदगी देख वृंदावनवास कर रहे विदेशी कृष्ण भक्त आहत हैं। उन्होंने घाटों को स्वच्छ रखने और लोगों को यमुना प्रदूषण मुक्ति के लिए जागरूक करने का प्रण लिया है। इसके लिए हरिनाम संकीर्तन के साथ सफाई अभियान शुरू किया गया है। परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना कुंज में रह रहे जर्मनी के कृष्ण भक्त भक्ति आलोक परमाद्विवेती ने यमुना किनारे गंदगी और प्रदूषण को दूर करने के लिए स्वच्छता अभियान की शुरूआत कराई। अभियान में स्विट्जरलैंड, कोलंबिया, चिली, बेल्जियम, इक्वाडोर निवासी माधव कृष्ण, सुदेवी, भक्ति देवी दासी, देव, माखनचोर, निहा सहित 12 भक्तों को जोड़ा है। यह लोग प्रतिदिन हरे कृष्ण महामंत्र के साथ यमुना किनारे सुबह सफाई अभियान चला रहे हैं। आलोक ने बताया कि वह न सिर्फ घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा फेंकी गई प्लास्टिक एवं कचरे को उठाकर एकत्रित कर रहे हैं वहीं श्रद्धालुओं को यमुना को प्रदूषित न करने की अपील भी कर रहे हैं। यमुना स्वच्छता अभियान की संयोजक अक्वाडोर निवासी भक्ति दासी ने कहा कि यमुना की दशा देख मन विचलित हो जाता है। जिस यमुना को भक्तजन मां पुकारते हैं, उसी में दूषित जल जा रहा है। घाटों पर कब्जे हो रहे हैं। यमुना किनारे कचरा फेंका जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही विदेशी कृष्ण भक्तों का दल नगर आयुक्त से मिलकर सहयोग की अपील करेगा।

ByVijay Singhal

Mar 17, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा। वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण के दावे इस समय भी सफल नहीं हो पा रहे। मंदिर प्रांगण में रेलिंग लगा दी गई हैं। रेलिंग से गुजर रहे श्रद्धालुओं को दर्शन तो राहत भरे मिल रहे हैं। लेकिन, रेलिंग में कम श्रद्धालुओं की एंट्री के कारण बाहर भीड़ का दबाव बन रहा है।ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सोमवार को भक्तों की भीड़ सामान्य थी। लेकिन, रेलिंग में पहुंचे श्रद्धालुओं को भोग व माला अर्पित करना था तो उनका ठहराव रेलिंग में हो रहा था और पीछे से श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव बन रहा था। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए गेट संख्या पांच जो कि श्रद्धालुओं की एंट्री के लिए बंद रहता है, उसे खोल दिया। तो भक्तों की भीड़ मंदिर के अंदर पहुंचने के लिए एक दूसरे को धकियाते हुए दौड़ पड़ी और भीड़ के बीच फंसे बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चों की चीख निकलती रही। महिलाएं चीखती रहीं।लेकिन, कोई सुनने वाला नहीं था। हालात ये कि हर कोई पहले दर्शन करने के लिए एक दूसरे काे धक्का देकर आगे बढ़ रहा था। इसी बीच एक बुजुर्ग श्रद्धालु की पत्नी का साथ छूट गया। जो दो घंटे तक मंदिर के बाहर अपनी पत्नी को खाेजने के लिए खड़ा रहा। मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा मंदिर में भीड़ का दबाव कम करने के लिए गेट संख्या पांच को खोला गया था। लेकिन, श्रद्धालुओं ने जल्दी बाजी के कारण अव्यवस्था फैला दी।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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