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राधारानी मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था… बढ़ती भीड़ पर न्यायालय ने लिया फैसला, गोस्वामी समाज ने जताया विरोध

ByVijay Singhal

May 27, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना के राधारानी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए न्यायालय ने प्रबंध समिति को रेलिंग के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था शुरू कराने के आदेश दिए हैं। इस पर नगर पंचायत एवं पुलिस प्रशासन द्वारा रेलिंग लगवाने का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि गोस्वामी समाज के कुछ लोग इसके विरोध में हैं। ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित विश्व विख्यात राधारानी मंदिर पर रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। आए दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने प्रबंध समिति को उचित व्यवस्था के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रबंध समिति द्वारा मंदिर परिसर में रेलिंग लगवाने का कार्य शुरू कराया था। लेकिन, गोस्वामी समाज के कुछ लोगों के विरोध पर काम रोक दिया गया था। सेवायत मुकेश गोयल ने बताया मंदिर परिसर में रेलिंग लगने से मंदिर की भोगोलिक स्थिति खराब हो जाएगी। सेवायत किशोरी गोस्वामी ने बताया राधारानी के सामने रेलिंग लगाना बिल्कुल गलत है। प्रबंध समिति अपनी मनमानी कर रही है। अन्य मंदिरों से बेहतर दर्शन की व्यवस्था हमारे मंदिर में है। रेलिंग लगने से सीढ़ियों तक श्रद्धालुओं की लाइन लगेगी। प्रबंध समिति के सदस्य सुशील गोस्वामी ने बताया श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में वी आकार की रेलिंग लगाई जा रही हैं। ये छह फीट चौड़ी होगी। रेलिंग प्रवेश द्वार तथा निकास द्वार तक लगाई जाएगी। इसके माध्यम से अब हर श्रद्धालु को राधारानी के नजदीक से दर्शन होंगे। वहीं परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र नहीं होगी। रेलिंग में तीन-तीन फीट के वीआईआपी गेट भी होंगे। वहीं छह फीट का एक गेट राधारानी के डोला के लिए रहेगा, जो विशेष पर्व पर खोला जाएगा। वीआईआपी एंट्री गेट पर सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। रेलिंग के कार्य के बाद जल्द राम मंदिर की तरह राधारानी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के लिए निश्शुल्क प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। सेवायत मुकेश गोयल ने बताया मंदिर परिसर में रेलिंग लगने से मंदिर की भोगोलिक स्थिति खराब हो जाएगी। सेवायत किशोरी गोस्वामी ने बताया राधारानी के सामने रेलिंग लगाना बिल्कुल गलत है। प्रबंध समिति अपनी मनमानी कर रही है। अन्य मंदिरों से बेहतर दर्शन की व्यवस्था हमारे मंदिर में है। रेलिंग लगने से सीढ़ियों तक श्रद्धालुओं की लाइन लगेगी।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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