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पुलिस ने सपा प्रतिनिधिमंडल को गांव भूरेका जाने से रोका

ByVijay Singhal

May 27, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील के गांव भूरेका में अनुसूचित जाति की युवती की बरात में दबंगों द्वारा की गई मारपीट के मामले में सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे सपा प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने आगरा में ही रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन भी शामिल थे। दरअसल, 20 मई को दबंगों ने बरातियों के साथ मारपीट की थी और जातिसूचक गालियां भी दी थीं। साथ ही डीजे बंद करा दिया था और दूल्हे को बग्घी से उतार दिया था। फिलहाल मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। हालांकि पीड़ित परिजन को ढांढ़स देना वालों का तांता लगा है। सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन समेत सपा प्रतिनिधिमंडल भी परिजन से मिलने के लिए गांव भूरेका आ रहा था। इससे पहले ही पुलिस ने रामजीलाल सुमन समेत सभी को उनके आवास पर रोक दिया। पुलिस ने चारों तरफ से बैरिकेडिंग लगा दिए। हालांकि कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया। साथ ही घर पर ही रहने की सलाह दी।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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