हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में संत प्रेमानंद महाराज ने जिलाधिकारी से कहा कि भगवान की कृपा से ही सेवा करने को मिलती है। इसलिए इसका निर्वाह करते रहना चाहिए। इस दौरान व्यवधान आएंगे, लालच के प्रभाव में नहीं आना है और ना ही डरना है। अपने जो अधिकार है उनके अनुसार देश की सेवा करते रहें। उन्होंने कहा कि सेवा के साथ ही भगवान का स्मरण एवं जाप करते रहें। क्योंकि जीवन का लक्ष्य भगवान की प्राप्ति है। संत प्रेमानंद ने डीएम को समझाया कि लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें भजन करना चाहिए। आपको जिला संभालने का मौका मिला है। सेवाएं भले ही अलग-अलग हों लेकिन ईनाम दोनों को एक ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी एवं सत्य के भाव से नाम जप करते हैं तो आप महात्मा हैं। उन्होंने संभल डीएम को कुरुक्षेत्र में अर्जुन और कृष्ण का एक संवाद सुनाते हुए कहा कि अर्जुन कहते हैं कि संन्यास लेकर भगवान का भजन करूंगा, लेकिन भगवान उन्हें ऐसा करने से मना करते हैं और कहते हैं कि इस समय धर्म युद्ध चल रहा है युद्ध लड़ो यही कत्र्तव्य है। उन्होंने डीएम को अपने कत्र्तव्य का पालन करते हुए नाम जप करते हुए देश की सेवा करने की सीख दी। इससे वह एक उत्तम अधिकारी माने जाने के साथ ही यह भगवान की सेवा भी मानी जाएगी। डीएम ने संत प्रेमानंद से कहा कि वह चाय नहीं पीते है और ना ही उनके घर में कोई लहसुन प्याज खाते है। वह प्रतिदिन गीता का पाठ करते हैं और एक घंटे से ज्यादा पूजा करते हैं। इस पर संत ने कहा कि इसलिए आप साधु संतों की शरण में आए हैं। संत ने कहा कि भगवान ने जो वृत्ति दी है वह किसी को बताना गलत नहीं है। भगवान ने हमें बनाया है। अपने आकर्षण के बारे में अपने माता-पिता को बता दो। संत ने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों की बात को नहीं समझते हैं और जबरदस्ती करते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्हें बच्चों के मन को भी समझने की जरुरत है।
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Author: Vijay Singhal
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