हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संरक्षित फरह के निकट स्थित जोधपुर झाल संकटग्रस्त पक्षियों का ठिकाना बनता जा रहा है। यहां विलुप्तप्राय सफेद गिद्धों ने भी डेरा डाल दिया है। इसे इजिप्शियन वल्चर के नाम से भी जाना जाता है। बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसायटी के डॉ. केपी सिंह ने बताया कि यह पुरानी दुनिया (दोनों अमरीकी महाद्वीप शामिल नहीं) का गिद्ध है जो पहले पश्चिमी अफ्रीका से लेकर उत्तर भारत, पाकिस्तान और नेपाल में पाया जाता था, लेकिन अब इसकी आबादी में बहुत गिरावट आई है और इसे अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने संकटग्रस्त घोषित कर दिया है।

भारत में पाई जाने वाली गिद्ध की नौ प्रजातियों में से विलुप्तप्राय चार प्रजातियों में से एक सफेद गिद्ध को भी आगरा मथुरा जनपद की सीमा पर फरह के निकट जोधपुर झाल वेटलैंड पर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह गिद्ध चट्टानी पहाड़ियों की दरारों में अपना घोंसला बनाता है, लेकिन भारत में इसके ऊंचे पेड़ों पर भी घोंसले देखे गए हैं। घोंसले के तापमान को ज्यादा रखने के लिए यह जानवरों की खाल के बालों को टहनी में लपेटकर अपने घोंसले में रखता है। यह मृत पशुओं के अवशेषों का भोजन करता है। गिद्ध संरक्षण के लिए गंभीर है वन विभाग मथुरा डीएफओ रजनीकांत मित्तल का कहना है कि गिद्धों के संरक्षण के लिए इनके हेविटाट और प्रजनन स्थलों का संरक्षण अति महत्वपूर्ण है। इस दिशा में काम भी हो रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने जोधपुर झाल पर काम किया है। साल में एक बार जिले में मौजूद वल्चर की प्रजातियों को रिकाॅर्ड किया जाता है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
100% LikesVS
0% Dislikes
