हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मैडम, घर में छह लोगों का परिवार है। ये सुबह
साढ़े 11 बजे दुकान जाते हैं, जबकि अन्य लोग जल्दी जाते हैं। सुबह जल्दी उठकर रसोई में लगना पड़ता है। पूरे दिन काम का भार अधिक रहता है। मुझसे सबके लिए काम नहीं होता है। कई बार पति से कहा, लेकिन वह परिवार नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए साथ में ही नहीं रहना है। यह एक मामला नहीं है। महिला थाने में तीन वर्ष में साढ़े तीन हजार से अधिक मामले ऐसे आए हैं। इनमें मोबाइल, शराब, लड़की-लड़के के स्वजन, विवाहेत्तर संबंध के साथ अहंकार ने पति-पत्नी के रिश्तों में दरार ला दी। 1865 प्रकरण में महिला पुलिस ने काउंसिलिंग कराकर पति-पत्नी के बीच के दरार को खत्म किया। 508 ऐसे मामले हैं, जिनमें विवाद नहीं सुलझ सका। मजबूरी में पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। महिला थाना प्रभारी रंजना सचान ने बताया, मामलों में जरा-जरा सी बात पर विवाद सामने आ रहे हैं। पति-पत्नी आपस में बैठकर विवाद को सुलझाने का प्रयास नहीं करते हैं। एक-दूसरे के प्रति इतनी नाराजगी होती है कि बात को मन में रखकर उसे बड़ी बना लेते हैं। फिर इनके विवाद थाने तक पहुंच जाते हैं।
