मथुरा। व्रन्दावन में महासभा द्वारा रंगजी मंदिर के समीप स्थित शीलवाली कुंज में मोक्षदा एकादशी के अवसर पर गीता जयंती मनाई गई। इस दौरान गीता के अठारह अध्यायों का सस्वर पाठ किया गया। याज्ञिक विष्णुकांत शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करने से जीवन की तमाम समस्याओं का निवारण होता है। महासभा के संस्थापक सुरेशचंद्र शर्मा ने कहा कि गीता समस्त विश्व के लिए आध्यात्मिक दीप स्तम्भ हैं। ये हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। अध्यक्ष महेश भारद्वाज ने कहा कि गीता में श्रीकृष्ण के उपदेश, ज्ञान, भक्ति और कर्म का सागर है। गोपाल शरण शर्मा ने गीता के माहात्म्य पर कहा कि गीता में संसार की समस्त शुभता निहित है। इस अवसर पर भागवताचार्य मृदुलकांत शास्त्री, नरेंद्र शास्त्री, अरुण शुक्ला, सीताराम शास्त्री, सूर्यनाथ झा, कमल शास्त्री, गोपाल दास, अरविंद शास्त्री आदि उपस्थित थे।
