हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) आज आगरा के दयालबाग स्थित माथुर फार्म हाउस में हुए पेड़ कटान के मामले की जांच को आएगी। टीम के आने की आहट से मथुरा में डालमिया फार्म हाउस के आरोपियों और अधिकारियों की दिल की धड़कनें बढ़ा दी है।
18 सितंबर की रात को जैंत थाना क्षेत्र स्थित छटीकरा मार्ग पर डालमिया फार्म हाउस में 454 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया था। इस मामले में पुलिस ने शंकर सेठ समेत लोगों को 42 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने सभी को कोर्ट में हाजिर किया, यहां से उन्हें जेल भेज दिया। एक माह जेल काटने के बाद शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को जमानत मिली। आरोपियों ने अभी राहत की सांस भी नहीं ली थी कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी। याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इसे कोर्ट की अवमानना माना। कोर्ट ने डालमिया फार्म हाउस में सभी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई, साथ ही अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया। उनकी याचिका पर पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) को निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता ने बताया कि टीम मथुरा में जांच करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। इस मामले में कोर्ट ने दो लोगों को नोटिस भी जारी किए हैं। अब टीम को आज दयालबाग स्थित माथुर फार्म हाउस में कटे पेड़ के मामले की जांच को आना है। इसकी जानकारी जब अधिकारियों और डालमिया फार्म हाउस से जुड़े आरोपियों को हुई तो उनकी धड़कनें बढ़ गई। उन्हें आशंका है कि टीम का रुख मथुरा की ओर न हो जाए। क्योंकि टीम ने 27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने जांच टीम को समय भी दे दिया।
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Author: Vijay Singhal
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