हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन में बंदरों के उत्पात के कारण बड़ी संख्या में पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं। यही कारण कि मंदिरों, घरों और पार्कों में पेड़ों को बचाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। वृंदावन के राधावल्लभ मंदिर घेरा सहित घरों में पेड़ों को बंदरों से बचाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं पार्कों में पेड़ों को बचाने के लिए निगम कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मथुरा के भगत सिंह पार्क एवं वृंदावन के गांधी पार्क सहित दो दर्जन पार्कों में लगे पेड़-पौधों को बंदरों से बचाना निगम कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। बंदरों के कारण रात दिन पेड़ों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसके बावजूद मौका मिलते ही बंदर पेड़ों को नष्ट कर रह हैं। वहीं घरों में लगे पेड़-पौधों को बचाना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। नतीजतन घरों और मंदिरों से पेड़ कम होते जा रहे हैं। हरितिमा से लगाव रखने वाले लोग घरों में बंदरों से पेड़ों के बचाव के लिए लाखों रुपये खर्च कर लोहे का जाल लगा रहे हैं। वृंदावन के राधावल्लभ मंदिर घेरा में पेड़ को बचाने के लिए मंदिर के सेवायतों ने लोहे का जाल लगाया है। राधावल्लभ मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि बंदरों से पेड़ों को बचाना मुश्किल हो रहा है। परिक्रमा मार्ग में उनके द्वारा लगाए गए सैकड़ों पौधों को बंदरों से बचाव के लिए जाली का ट्रीगार्ड लगाया गया, बंदर उन पर कूदकर क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से यह समस्या लंबे समय से बनी है। सांसद हेमा मालिनी ने जो चुनाव के दौरान मंकी सफारी बनाकर समस्या के निदान का वादा किया था उसे पूरा करें।
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Author: Vijay Singhal
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