हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रुपये लेने के बाद टैक्सी न भेजना कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कंपनी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि कंपनी को 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी। 30 दिन के अंदर धनराशि न देने पर कंपनी को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। थाना रिफाइनरी के नरसीपुरम निवासी डॉ. रंजीत सिंह चौधरी का कृष्णा नगर स्थित शंकर विहार काॅलोनी में माइंड केयर क्लीनिक है। उन्हें 9 नवंबर 2022 को मथुरा से दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 जाकर 11.55 की फ्लाइट पकड़नी थी। इसके लिए उन्होंने मेक माई ट्रिप प्राइवेट लिमिटेड, डीएलएफ बिल्डिंग-5 टावर बी, साइबर सिटी गुरुग्राम कंपनी से टिकट और कैब बुक कराई। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 3417 रुपये का भुगतान करना था। इसमें से 730 रुपये उसने जमा कर दिए तथा बाकी की धनराशि 2687 रुपये कैब चालक को यात्रा पूरी होने पर देने थे। 9 नवंबर को 5.30 बजे उसके पास कैब आनी थी, लेकिन 6.30 बजे उसके पास कॉल सेंटर से फोन आया कि उनकी बुकिंग रद्द कर दी है। कई बार कॉल सेंटर पर फोन करने के बाद भी कोई संतोषपूर्ण जवाब नहीं मिला न कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। वह किसी तरह दिल्ली पहुंचा और फ्लाइट पकड़ी। 26 नवंबर को उन्होंने कंपनी और कंपनी के अधिकृत कैब चालक नंदकिशोर सिंह को नोटिस भेजा, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के यहां मुकदमा दर्ज कराया और कंपनी से 5 लाख मुआवजे की मांग की। आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार के नेतृत्व में सदस्य छवि सिंघल, मनीष परमार ने मुकदमे की सुनवाई की। तीनों न्यायाधीश की बेंच ने कंपनी द्वारा बुकिंग रद्द करना सेवा में कमी माना।
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Author: Vijay Singhal
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