हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। एडीजे प्रथम रामकिशोर पांडेय की अदालत ने 2005 में हुए हत्याकांड के मामले में तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में 10-10 साल की सजा और 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वारदात के 19 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव पालीखेड़ा निवासी दिनेश ने 22 दिसंबर 2005 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में दिनेश ने बताया था कि वह पिता जगदीश सिंह को रेलवे स्टेशन से लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर गांव निवासी दुर्ग सिंह, बलवीर व राधेश्याम पुत्रगण रेवती ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव पालीखेड़ा निवासी दिनेश ने 22 दिसंबर 2005 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में दिनेश ने बताया था कि वह पिता जगदीश सिंह को रेलवे स्टेशन से लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर गांव निवासी दुर्ग सिंह, बलवीर व राधेश्याम पुत्रगण रेवती ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
वारदात में बाप-बेटा घायल हो गए थे। इलाज के दौरान जगदीश की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। सोमवार को न्यायालय एडीजे प्रथम की कोर्ट में सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश रामकिशोर पांडे ने तमाम साक्ष्यों और गवाहों के मद्देनजर दुर्ग सिंह, बलवीर व राधेश्याम को गैर इरादतन, सदोषणूर्ण हत्या में धारा 304 एक के तहत 10-10 साल का कारावास और 17-17 हजार का जुर्माना लगाया है।
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Author: Vijay Singhal
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