• Tue. May 26th, 2026

छज्जू लाए.. खाट के पाए, मार-मार लट्ठन झूर कर आए…

ByVijay Singhal

Nov 12, 2024
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छज्जू लाए.. खाट के पाए, मार-मार लट्ठन झूर कर आए.. जैसे ऊंचे स्वरों में नारों के बीच चतुर्वेदी समाज ने कंस के पुतले को लाठियों से मारा। कंस वध के बाद मेले की धूमधाम से निकाली शोभायात्रा में देश-विदेश से चतुर्वेदी समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। मेले में पारंपरिक पोशाक में शामिल युवाओं में गजब का उत्साह देखा गया। सोमवार शाम को छत्ता बाजार स्थित हनुमान गली से 18 फुट ऊंचा कंस का पुतला कंस टीले पर ले जाया गया। उसके बाद हाथी पर विराजमान होकर भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप अंता पांडा पहुंचे। यहां उन्होंने ने अपनी छड़ी से कंस की ओर इशारा किया और चतुर्वेदी समाज के लोगों ने कंस के पुतले को लाठियों से झूरना शुरू कर दिया। उसके बाद कंस के चेहरे को लेकर चतुर्वेदी समाज के लोग नाचते गाते हुए कंसखार पहुंचे। चतुर्वेदी समाज के लोगों ने कंस्सा मार मधुपुरी आए, कंसा के घर के घबराए आदि गीत गाते हुए कंस टीले पर आनंद लिया। मेले को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग होलीगेट से लेकर छत्ता बाजार में जमे रहे। मेले में सर्वप्रथम जीप में कंस का पुतला चल रहा था। उसके बाद ढोलों की थाप के बीच गणेशजी, तटीय स्थान के गुरुजी, गोपाल मंदिर, मोर बिहारी महाराज, भगवान शंकर और मां यशोदा, अक्रूरजी एवं भगवान कृष्ण बलदेव के स्वरूप हाथी पर विराजमान होकर चले। मेला विश्राम घाट पर पहुंचकर संपन्न हुआ। भगवान के स्वरूपों को विश्राम घाट पहुंचते ही यमुना जी की आरती हुई। घाट पर प्रतिदिन होने वाली आरती भगवान के आगमन के बाद हुई। माथुर चतुर्वेद परिषद एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने कहा कि यह मेला चतुर्वेदी समाज की आन, बान एवं शान है। चतुर्वेदी समाज पूरे मनोयोग से इस मेले को पूर्ण भाव के साथ मनाता है और इस मेले की भव्यता को बढ़ाते हैं। परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि इसी भाव के साथ मंगलवार शाम 6 बजे पुण्य तीर्थ विश्राम घाट पर भव्य दीपदान का आयोजन किया जाएगा।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.