हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है कि बाजार में खुला कुट्टू आटा नहीं बिकेगा। पूर्व में एक-दो नमूनों की रिपोर्ट असुरक्षित आई थी। मानव उपभोग के लिए यह सही नहीं और घातक है। फूड प्वाॅइजनिंग की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। जन्माष्टमी पर कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और पूड़ी खाने के कारण 250 के करीब लोग बीमार हो गए थे, इस बार खाद्य विभाग कोई रिस्क लेना नहीं चाहता है।
इसे देखते हुए सहायक आयुक्त खाद्य धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा में खुला कुट्टू आटा के भंडारण, वितरण, विक्रय को प्रतिबंध कर दिया है। कारोबारियों को आदेश दिए हैं कि खुला कुट्टू आटा का भंडारण तथा क्रय-विक्रय न किया जाए। उन्होंने बताया कि नमूनों में एफ्लाटॉक्सिन पाए जाने के कारण मानव जीवन के लिए घातक है। इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य को गंभीर क्षति हो सकती है। पिछले कई माह में खुले कुट्टू के आटा से निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन से जिले एवं आसपास के जनपदों में फूड प्वाॅइजनिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने खुला कुट्टू का आटा के भंडारण, वितरण, विक्रय को पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों का खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी खुले कुट्टू का आटे की खरीदारी और प्रयोग न करने की सलाह दी है।
इसे देखते हुए सहायक आयुक्त खाद्य धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा में खुला कुट्टू आटा के भंडारण, वितरण, विक्रय को प्रतिबंध कर दिया है। कारोबारियों को आदेश दिए हैं कि खुला कुट्टू आटा का भंडारण तथा क्रय-विक्रय न किया जाए। उन्होंने बताया कि नमूनों में एफ्लाटॉक्सिन पाए जाने के कारण मानव जीवन के लिए घातक है। इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य को गंभीर क्षति हो सकती है। पिछले कई माह में खुले कुट्टू के आटा से निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन से जिले एवं आसपास के जनपदों में फूड प्वाॅइजनिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने खुला कुट्टू का आटा के भंडारण, वितरण, विक्रय को पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों का खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी खुले कुट्टू का आटे की खरीदारी और प्रयोग न करने की सलाह दी है।
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Author: Vijay Singhal
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