हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ऋण के लिए जालसाजों द्वारा सरकारी विभागों के फर्जी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा स्वास्थ्य विभाग में हुआ है। दो युवकों ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताते हुए बैंक में ऋण के लिए आवेदन किया। इसका खुलासा तब हुआ जब बैंक ने इनके कागजात सत्यापन के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजे। भारतीय स्टेट बैंक रिफाइनरी शाखा में दो व्यक्तियों रामकिशन पुत्र रमेशचंद निवासी, नौशेरपुर नौहझील और थान सिंह पुत्र प्रभाती सिंह निवासी चांदपुर खुर्द अवांखेड़ा, नौहझील द्वारा त्रण के लिए आवेदन किया गया। आवेदन के साथ उन्होंने खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी होने और वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट में तैनाती संबंधी कागजात लगाए। इनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र, वेतन प्रमाण पत्र और फार्म 16 भी शामिल हैं।रामकिशन ने खुद को सीएचसी मांट में चालक और थान सिंह ने सीएचसी मांट में बतौर सफाई कर्मी तैनात होने का दावा किया। बैंक कर्मी द्वारा जब इनके कागजात सत्यापन के लिए सीएमओ कार्यालय भेजे गए तो पता लगा कि दोनों में से कोई भी सीएचसी मांट का कर्मचारी नहीं है। मांट सीएचसी तो क्या, दोनों स्वास्थ्य विभाग के ही कर्मचारी नहीं है। एसीएमओ डॉ. भूदेव ने बताया कि दोनों व्यक्तियों के कागजात फिलहाल मोबाइल पर भेजे गए हैं। दोनों ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत नहीं हैं। इनकी अधिक जानकारी के लिए बैंक से लिखित में पत्र भेजने को कहा गया है। ताकि लिखित में ही इसका जवाब दिया जा सके। वहीं जब इस बारे में बैंक कर्मी से बात की गई तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और टालमटोल करते रहे।
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Author: Vijay Singhal
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