हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रेलवे की गति शक्ति यूनिट द्वारा मथुरा वृंदावन रेल ट्रैक के गेज परिवर्तन के चल रहे कार्य को लेकर मथुरा के निवासी विरोध कर रहे हैं।इस विरोध के कारण फिलहाल रेलवे ने काम को रोक दिया है। मथुरा वृंदावन रेल लाइन का काम दोबारा शुरू हो सके इसको लेकर DRM ने डीएम,एसएसपी की मौजूदगी में स्थानीय निवासियों के साथ बैठक की और उनके सुझाव जाने। मथुरा के कलेक्ट्रेट सभागार में मांट विधायक राजेश चौधरी,डीआरएम आगरा टी पी अग्रवाल,डीएम पुलकित खरे,एसएसपी शैलेश पांडे और नगर आयुक्त अनुनय झा के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मथुरा वृंदावन के निवासी उपस्थित रहे। जिसमें प्रोजेक्ट से आने वाली समस्याओं को दूर करने के सुझाव मांगे गए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई मीटिंग में मथुरा के व्यापारी पी डी अग्रवाल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के कारण बनने वाले 17 अंडर पास की वजह से शहर को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। होटल व्यवसाई राजीव अग्रवाल ने कहा पहले से मौजूद 3 अंडर पास के कारण शहर के निवासी और प्रशासन को कई कई घंटे जलभराव के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। 17 और अंडर पास बन गए तो क्या हालत होगी। इसके लिए रेल लाइन को पिलर पर ले जाया जाए और नीचे सड़क बना दी जाए। जिससे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। बैठक में वृंदावन से आए व्यापारी,तीर्थ पुरोहित ने कहा कि वृंदावन रेल लाइन काफी समय से उपेक्षा का शिकार थी। सांसद हेमा मालिनी के प्रयास से काम शुरू हुआ लेकिन उसे रोक दिया गया। पंडा सभा के अध्यक्ष श्याम सुन्दर गौतम ने कहा कि उनकी तीन मांग हैं जिसमें रेल लाइन किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए जाएं,वृंदावन में जल्द से जल्द ट्रेन चले और तीसरी मांग है कि अंडर पास बंद हों ओवर ब्रिज बनाए जाएं।
मीटिंग के बाद उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल के डीआरएम टी पी अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में मथुरा वृंदावन के लोगों के सुझाव सुने,समस्या का किस तरह से निस्तारण हो सकता है इस पर प्लानिंग की जायेगी। सुझावों को इस प्रोजेक्ट में कैसे एडजस्ट किया जा सकता है इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन भी इस देश की जनता के लिए काम कर रहा है लोगों का यह कहना कि हम अपने मन की कर रहे हैं यह गलत है।
मीटिंग में रेलवे के अधिकारियों ने लोगों के समक्ष इस प्रोजेक्ट का प्रजेंस्टेशन और आने वाली तकनीकी दिक्कतों को रखा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अगर एलिवेटेड बनाते हैं तो दस मीटर ऊंचाई ले जानी होगी। पूरे ट्रैक पर लास्ट में 3 किलोमीटर ऊंचाई हो जायेगी। वृंदावन में चैतन्य बिहार फ्लाई ओवर है वहां 15 मीटर ऊंचा हो जायेगा जो तकनीकी रूप से सही नहीं है। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर ऊंचाई 2300 मीटर हो जायेगी। रेलवे अधिकारियों ने निवासियों से कहा कि जो भी निर्माण होगा वह एक साथ होगा कहीं दिक्कत नहीं आएगी।
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Author: Vijay Singhal
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