हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में रक्षाबंधन बहन और भाई के उस परस्पर प्रेम का पर्व है, जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांध उसके कल्याण की कामना करती है। इस बार 30 अगस्त पूर्णिमा को रक्षाबंधन है। लेकिन, भद्राकाल होने के कारण और सूर्याेदय के समय पूर्णिमा न होने के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दूसरे दिन 31 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी कहते हैं 30 अगस्त की रात 9.01 बजे तक भद्राकाल होने के कारण व दूसरे दिन 31 अगस्त को पूर्णिमा सूर्योदय में होने के चलते मंदिर में 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन ठाकुरजी की कलाई पर राखी बांधी जाएंगी। देशभर की बहनों की आई राखियों को भी इसी दिन सेवाधिकारी ठाकुरजी को अर्पित करेंगे। रक्षाबंधन एवं ब्रह्म सम्मत श्रावणी उपाकर्म यज्ञोपवीत धारण विधि हर प्रकार के धर्म सम्मत शास्त्र सम्मत विधि को संज्ञान में रखते हुए भद्रारहित 31 अगस्त को पूर्णमासी गुरुवार को मनाना ही सर्वश्रेष्ठ माना है। प्रातः काल सूर्योदय बेला से ही वैदिक विद्वानों का आगमन और श्रावणी उपाकर्म हेमाद्रि संकल्प आदि प्रारंभ होगा। इसी दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी, तो शुभ होगा।
7455095736
Author: Vijay Singhal
100% LikesVS
0% Dislikes
