हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में 20 दिन बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। हालांकि अभी भी निचले इलाकों में बनी कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। चोरी की आंशका के चलते लोग घरों की छतों पर रह रहे हैं। 20 दिन पहले यमुना खतरे के निशान से 166 CM से ऊपर था। हालांकि अब यमुना का जलस्तर अब 165.80 CM पर पहुंच गया है। यमुना के जल में फिलहाल वृद्धि होने के आसार नहीं है। इसका कारण है पहाड़ों पर कम बारिश होना और हथिनी कुंड व ओखला बैराज से पानी का न छोड़ना। हरियाणा के हथिनी कुंड और दिल्ली के ओखला बैराज से सामान्य दिनों में छोड़े जाने वाला पानी ही छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा आगरा को गोकुल बैराज से छोड़े जाना पानी भी सामान्य मात्रा में छोड़ा जा रहा है।यहां से अब 77 हजार क्यूसेक पानी आगरा की तरफ छोड़ा जा रहा है। यमुना भले ही अब लाल निशान से नीचे बह रही हो। लेकिन खादर में बने मकानों में रहने वाले लोगों की समस्या कम नहीं हुई है। अभी भी इनके घरों में पानी भरा हुआ है। सबसे ज्यादा दिक्कत वृंदावन खादर,राजपुर खादर और जयसिंहपुरा खादर में रहने वाले लोगों के सामने है। घरों में पानी भरा होने के कारण यह लोग अब भी सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। हालांकि यमुना के जलस्तर में हो रही कमी से इनको जल्द अपनी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। यमुना का पानी खादर में बनी कॉलोनियों के मकान में हिलोरे मार रहा है। वृंदावन की एक दर्जन कॉलोनियों में अभी भी पानी भरा हुआ है। यहां से ज्यादातर लोग घरों को छोड़कर पिछले 1 महीने से दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर रह रहे हैं। लेकिन कई लोग ऐसे हैं जिनको चोरी होने की आशंका है। ऐसे में वह लोग घरों की छत पर तंबू डालकर रहने को मजबूर हैं।
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Author: Vijay Singhal
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