हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा पर सोमवार को गोवर्धन में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। वाद्य यंत्रों के साथ हरिनाम संकीर्तन की गूंज से गिरिराज तलहटी गुंजायमान हो उठी। गुरु के सम्मान में सिर मुंडवाए मुड़िया संत ढोलक-ढप और झांझ-मजीरे की धुन पर नाच रहे थे। मुड़िया संतों का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। चकलेश्वर स्थित राधा-श्याम सुंदर मंदिर से मुड़िया शोभायात्रा महंत रामकृष्ण दास महाराज के निर्देशन में नगर भ्रमण को निकाली गई। शोभायात्रा चकलेश्वर दसविसा, हरिदेवजी मंदिर, दानघाटी मंदिर, बड़ा बाजार होते हुए राधा श्याम सुंदर मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान मुड़िया संत हरिनाम संकीर्तन के साथ नृत्य करते हुए निकले तो उनके आगे हर शीश नतमस्तक हो गया। वहीं कान्हा की लीला स्थली गोवर्धन धाम वाद्य यंत्रों की गूंज से गुंजायमान हो उठा। मुड़िया शोभायात्रा का नगर में जगह – जगह भव्य स्वागत किया गया। मुड़िया शोभायात्रा को लेकर मान्यता है कि 500 वर्ष पूर्व बंगाल के नवदीप से आए सनातन गोस्वामी चकलेश्वर स्थित भजन कुटी में भजन करते थे। वहां उनका गोलोकवास (निधन) हो गया। उनके गोलोकवास होने पर उस समय उनके शिष्यों ने पार्थिव शरीर के निकट बैठकर सिर मुड़वाए थे। उसी परंपरा को कायम रखते हुए हर वर्ष मुड़िया संत गुरु पूर्णिमा पर मुंडन कराकर शोभायात्रा निकालते हैं। सोमवार को सनातन गोस्वामी के 467वें तिरोभाव महोत्सव पर उनके अनुयायी संत एवं भक्तों ने सिर मुंड़वाकर मुड़िया शोभायात्रा के साथ मानसीगंगा की परिक्रमा कर परंपरा का निर्वहन किया।गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा के नाम से विख्यात गुरु पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिष्य अपने- अपने गुरु स्थानों पर पहुंच कर बारी – बारी से गुरु पूजा कर अद्भुत परंपरा का निर्वहन किया। शिष्यों ने गुरु से दीक्षा ली। इसके बाद गुरु शिष्य परंपरा का उदाहरण बनी मुड़िया शोभा यात्रा निकाली गई। वहीं मुड़िया शोभायात्रा पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच निकाली गई। सीओ राम मोहन शर्मा पाराशर, एसडीएम कमलेश गोयल, थानाध्यक्ष ओम हरि बाजपेयी सहित दो दर्जन से अधिक सब इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मी में तैनात रहे।
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Author: Vijay Singhal
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