हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लोक कलाओं एवं संस्कृति को रोजगार से जोड़ने की नीति के तहत पहला कदम उठाया जा चुका है। इस नीति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के अधीन भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ और उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधीन गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन का एमओयू (अनुबंध) हुआ है। इस एमओयू के तहत गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में रासलीला अध्ययन केंद्र खोला गया है। इसमें अगस्त माह से एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप जी की अहम भूमिका रही है। ये एमओयू लखनऊ स्थित भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह की उपस्थिति में हुआ। उप्र तीर्थ विकास परिषद की ओर से ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश चंद्र शर्मा और गीता शोध संस्थान के कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने तथा विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार डा सृष्टि दुहन पीसीएस, संगीत के विभागाध्यक्ष ज्ञानेंद्र वाजपेयी व डा सीमा भारद्वाज ने ये एमओयू किया। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डा उमेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि रासलीला का यह कोर्स एक वर्षीय होगा। इसके लिए आठवीं पास बालक-बालिकाओं को प्रवेश दिलाया जाएगा। यह कक्षाएं अगस्त-2023 से शुरू हो जाएंगी। इसकी परीक्षा नई शिक्षा नीति के तहत भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा कराई जाएगी। इसी विवि ने एफिलेशन दिया है। यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के अधीन वर्ष 2022 में स्थापित हुआ है। पूर्व में यह डीम्ड संगीत विश्वविद्यालय था। अब भारतेंदु नाट्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, ललित अकादमी जैसे एक दर्जन संस्थान व अकादमी इससे जोड़े गए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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