हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। विदेश से वापस लौटीं अति प्राचीन वेश कीमती प्रतिमाओं की प्रदर्शनी—-एक वक्त था जब मथुरा में व आसपास मूर्ति तस्करी की खबरें अक्सर पढ़ने व सुनने को मिलती थीं। विगत में यहां मूर्ति तस्करी एक बड़ा अपराध रहा। बड़ी संंख्या में बहुमूल्य अति प्राचीन प्रतिमाओं (भारत की प्राचीन धरोहर) को यहां के टीलों से निकाल कर करोड़ों में बेच डाला गया। वे ही प्रतिमाएं धीरे धीरे विदेश के निजी व सरकारी संग्रहालयों में जा पहुंचीं।
अब पिछले आठ-नौ साल में भारत सरकार उनमें से 41 वेश कीमती प्रतिमाओं को वापस ला चुकी है। इनमें मथुरा की टीलों से निकलीं प्रतिमाएं भी हैं। वापस लायी गयीं प्रतिमाओं में कई तो अति प्राचीन ईसा पूर्व की हैं। तामपत्र, तलवार, प्राचीन सिक्के व अन्य प्राचीन सामान भी सैकड़ों की संख्या में वापस लाया जा चुका है।
वैसे भारत में मूर्तियों की चोरी पर निगाह रखने वाली फिलहाल केवल एक जांच इकाई -तमिलनाडु स्टोल आइडल्स यूनिट है। वर्ष 2011 में यूनेस्को ने अनुमान लगाया था कि 1989 तक भारत से लगभग 50 हजार प्रतिमाएं व अन्य कलाकृतियां चोरी कर विदेश भेजी गई थीं।
18 मई से प्रगति मैदान नई दिल्ली में संग्रहालय एक्सपो लगा है, जिसमें विदेश से वापस लायी गयीं इन प्रतिमाओं को भी रखा गया है। एक्सपो में राजकीय संग्रहालय मथुरा ने भी अपनी प्रतिमाएं व अन्य प्राचीन सामान रखा हैं। इनमें कटरा केशव देव मथुरा के टीले से निकली कुषाण काल की बौद्ध प्रतिमा भी एक है। कल उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी जी समेत अन्य विशिष्ट लोगों ने मथुरा की प्रतिमाओं को देखा व सराहा।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
