हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी की लगातार चल रही मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए डीएम ने 3 दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए ने निकाय चुनाव के दौरान आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी का तबादला भी कर दिया था। डीएम पुलकित खरे ने बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए उनसे 2 मामलों में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने बीएसए वीरेंद्र सिंह को 3 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी को बेसिक शिक्षा अधिकारी की मनमानी करने की लगातार शिकायत मिल रही थी।25 अप्रैल को प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मीटिंग आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। इस मीटिंग से बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह नदारद रहे। बेसिक शिक्षा अधिकारी को नगरीय आचार संहिता लागू होने के साथ ही 9 अप्रैल 2023 को निर्वाचन अधिकारी,सहायक निर्वाचन अधिकारी,जोनल मजिस्ट्रेट,सेक्टर मजिस्ट्रेट,स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति,मतदान,मतगणना कर्मियों की नियुक्ति आदि कामों के लिए सहायक प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था। इसके बाबजूद बीएसए मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग से नदारद रहे।बेसिक शिक्षा अधिकारी की मनमानी का एक और मामला 27 अप्रैल को डीएम के संज्ञान में आया। 27 अप्रैल को डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान डीएम पुलकित खरे के संज्ञान में आया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बिना डीएम के संज्ञान में लाए खंड शिक्षा अधिकारी का तबादला कर दिया। बीएसए ने नगरीय चुनाव आचार संहिता के दौरान बलदेव की खंड शिक्षा अधिकारी पूनम चौधरी का ट्रांसफर कर दिया। बीएसए ने पूनम चौधरी के स्थान पर राकेश कुमार को भेज दिया।
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Author: Vijay Singhal
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