हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्री रामानुज संप्रदाय के लगभग 175 वर्ष पुराने दिव्य देश रंगनाथ मंदिर में स्थापित स्वर्ण जड़ित 50 फीट ऊंचे गरुड़ ध्वज स्तंभ के पुनरुद्धार का कार्य शुरू हो गया। इसमें सात किलो सोना लगेगा। शुभारंभ रविवार को दक्षिण भारतीय विद्वानों के सानिध्य में पूजन के साथ हुआ।
तीन दिवसीय बाल्यालम अनुष्ठान के बाद अब साल की लकड़ी एवं ताम्र पात्र से बने गरुड़ स्तंभ को सोने से मढ़ा जाएगा। फिलहाल इसके लिए जयपुर से पांच किलो सोना मंगाया गया है। उत्तर भारत इस रंगनाथ मंदिर को ब्रजवासी सोने के खंभे के मंदिर के नाम से भी लोग जानते हैं। मंदिर में भगवान गोदा रंगमन्नार के मुख्य गर्भगृह के सामने गरुड़ ध्वज स्तंभ है। श्री रामानुज संप्रदाय की दिव्य देश परंपरा के अनुसार यह भगवान के दर्शन की प्रथम सीढ़ी है। मान्यता है कि इसके शरणागत होकर ही भगवान को प्राप्त किया जा सकता है।
साल और सागवान की लकड़ी से निर्मित 50 फीट ऊंचे स्तंभ पर सोने का बाह्य आवरण है। जोकि खुले स्थान में होने के कारण क्षरण होने लगा था। मंदिर के महंत गोवर्धन पीठाधीश्वर बालक स्वामी के निर्देश पर इसका पुनरुद्धार कराया जा रहा है। इसमें क्षरण हो चुके स्थान पर फिर से स्वर्ण मंडन किया जाएगा। मंदिर के पुजारी राजू स्वामी ने बताया कि दक्षिण के विद्वानों के आचार्यत्व में वैदिक अनुष्ठान किया गया। इस दौरान पुरोहित विजय मिश्र, रघुनाथ स्वामी, रंगा स्वामी, चौवी स्वामी, वासु स्वामी, आर कृष्णन, एम एल पांडे, शेषाचारी, राजन स्वामी आदि मौजूद रहे।
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व्रन्दावन में सात किलो सोने से दमकेगा 50 फीट ऊंचा गरुड़ ध्वज स्तम्भ
