हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा में ब्रजरज महोत्सव में मैनपुरी से आए कारीगरों की तारकशी कला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। लकड़ी पर धातु के तारों से की गई बारीक नक्काशी और आकर्षक कलाकृतियों को देखकर लोग दंग रह गए। स्टाल पर सजे कलात्मक उत्पादों को देखने के साथ ही लोगों ने इस पारंपरिक कला के बारे में भी जानकारी ली। तारकशी के कारीगर मास्टर राजकुमार शाक्य ने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 100 वर्षों से इस कला को संजोने में जुटा है। यह उनकी चौथी पीढ़ी है, जो इस पुश्तैनी हुनर को आगे बढ़ा रही है। तारकशी के काम से ही उनके परिवार की आजीविका चलती है। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में उनके सिखाए कई कारीगर इस कला में दक्ष होकर देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। राजकुमार शाक्य के अनुसार, इस काम से उन्हें प्रतिमाह करीब 80 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है। बदलते दौर में इस पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाने के लिए उनका बेटा भी आगे आया है। वह ऑनलाइन कारोबार के माध्यम से तारकशी से तैयार उत्पादों को देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंचा रहा है। इससे न केवल कारोबार का दायरा बढ़ रहा है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही इस कला को भी नई पहचान मिल रही है।
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ब्रजरज महोत्सव में मैनपुरी की तारकशी का हुनर, कलाकृतियां ऐसीं जो जीत लेंगी दिल
