हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग सख्त है। एआरटीओ विभाग ने जिले भर में स्कूली बसों और वैनों की सघन जांच अभियान चलाया गया। बीते 6 माह में जनपद भर में चले इस अभियान में एआरटीओ की टीम ने घेराबंदी कर स्कूली वाहनों को रोककर उनके कागजात खंगाले। इस दौरान 150 से अधिक की जांच की गई। जांच में खामियां मिलने पर 94 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 28 को थानों में सीज कराया गया। एआरटीओ द्वारा चलाए गए इस अभियान में पड़ताल की गई कि क्या वाहन के पास वैध स्कूल परमिट है, उसकी फिटनेस और प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध है या नहीं। कई निजी वैन बिना स्कूली परमिट के प्राइवेट नंबर पर ही बच्चों को ढो तो नहीं रही हैं। एआरटीओ प्रवर्तन राजेश राजपूत ने बताया कि नियमानुसार ड्राइवर के पास कम से कम 5 साल पुराना भारी वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए। पड़ताल की गई कि 12 सीटर वैन में 25-25 बच्चे ठूंस-ठूंस कर तो नहीं बैठाए जा रहे हैं, जो सबसे बड़ा खतरा है। ऐसे वाहनों का मौके पर चालान किया गया। एआरटीओ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन दोपहर तक 150 स्कूली वाहनों की जांच की गई।
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मथुरा जनपद में बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रहीं स्कूली वैनों पर कार्रवाई
