हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता चौधरी लक्ष्मीनारायण द्वारा राष्ट्रीय लोक दल और जाट समाज के लिए एक चैनल पर दिए गए बयान पर रालोद नेताओं ने नाराजगी जताई है। डैंपियर नगर स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में रालोद जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रमुख ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण ने अपने बयान में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की वकालत करते हुए गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव नए मुद्दों और नए राजनीतिक समीकरणों के आधार पर लड़ा जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 62 प्रत्याशी विजयी हुए थे, जबकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 75 प्रत्याशियों में से 33 ही जीत सके। इसके विपरीत रालोद ने दो सीटों पर चुनाव लड़कर दोनों पर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है चुनावी परिस्थिति हर बार अलग होती हैं और रणनीति भी उसी के अनुसार बनाई जाती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोकदल से की थी। चौधरी चरण सिंह की तीन पीढ़ियों ने उन्हें अलग-अलग समय पर चुनाव लड़ाया। ऐसे में उन्हें लोकदल और चौधरी परिवार के प्रति कृतज्ञता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण पहले भी रालोद के खिलाफ बयान दे चुके हैं। इस तरह की बयानबाजी से गठबंधन के कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है और उनका मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने मंत्री से राजनीतिक छींटाकशी के बजाय किसानों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। विशेष रूप से छाता चीनी मिल को चालू कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग उठाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के समक्ष चौधरी लक्ष्मीनारायण के बयान को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य गठबंधन को मजबूत करते हुए प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार को तीसरी बार सत्ता में लाना है।
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Author: Vijay Singhal
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