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यम की फांस से बचाने वाली की फूली सांस

ByVijay Singhal

May 25, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मान्यता है कि विशेष पर्वों पर यमुना नदी में डुबकी लगाने वाले को यम की फांस से भी मुक्ति मिल जाती है, लेकिन यमुना की सांस खुद ही फूली हुई है। यमुना में भारी गंदगी और प्रदूषण के कारण इसका पानी आचमन तो छोड़िए डुबकी लगाने लायक नहीं है। प्रदूषण के चलते यमुना नदी का प्रवाह कुंद हो गया है। कभी यह निर्मल एवं अविरल प्रवाहित होती थीं। अब गंगा दशहरा जैसे महापर्व पर श्रद्धालुओं को यमुना में डुबकी लगाने से पहले सोचना पड़ेगा। साफ-सफाई और स्नान योग्य पानी नहीं होना मुख्य कारण है। और तो और शहर के दर्जनों नाले का गंदा पानी भी यमुना में जाकर गिर रहा है। ऐसी स्थिति में यमुना का जल कैसे आचमन योग्य होगा। इसकी अब तक कोई रणनीति नहीं बनाई गई है। अधिकारियों की बैठकें सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि गंगा दशहरा पर्व को मात्र 10 दिन बचे हैं। यमुना घाटों पर ही नहीं यमुना किनारे सभी स्थानों पर बेशुमार गंदगी है। किसी भी स्थान का पानी आचमन योग्य नहीं है। यमुना में लगभग 10 नाले निरंतर गंदगी कर रहे हैं। इस कारण यमुना में विगत लंबे समय से प्लास्टिक व गंदगी कई मीटर गहराई तक जमा हो गई है। इसके चलते यमुना नदी से वाटर रिचार्ज नहीं हो रहा है। यमुना की जल भंडारण की क्षमता भी कम हो गई है। यमुना घाटों पर गंदगी कई मीटर गहराई तक जमा है, जो गंदा परिदृश्य प्रस्तुत करती है। अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त ने कहा, गंगा दशहरा को लेकर यमुना की सफाई की तैयारी की जा रही है। शनिवार को महापौर व नगर आयुक्त ने बैठक में इसकी रणनीति बनाई है। दो या तीन दिन में यह कार्य शुरू हो जाएगा।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736