हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। काशी, मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज ये चारों जिले सरकार की आंख के तारे हैं। तीर्थस्थल होने के साथ ही पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले इन जिलों में विकास के लिए भी सरकार ने खजाना खोल रखा है लेकिन विकास की रफ्तार में ये जिले हारे हुए नजर आ रहे हैं। विकास कार्यों की रैंकिंग में मथुरा जहां 69वें स्थान पर है तो वहीं अयोध्या और वाराणसी की स्थिति भी ठीक नहीं है। वहीं महाकुंभ की नगरी प्रयागराज 74वें स्थान के साथ सबसे फिसड्डी है। सीएम डैशबोर्ड दर्पण के तहत प्रत्येक माह जिले में कराए जाने वाले विकास कार्यों के आधार पर प्रदेश स्तरीय रैंकिंग जारी होती है। जनवरी में कराए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन कर शासन ने सोमवार को जिलों की रैंकिंग जारी कर दी। इसमें श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा की रैंकिंग बेहद पिछड़ गई है। इस बार प्रदेश के 75 जिलों में मथुरा को 69वां स्थान मिला है। वहीं भोलेनाथ की नगरी कही जाने वाली वाराणसी की स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं है। प्रदेश की सूची में वाराणसी का स्थान 45वां और और श्रीराम की नगरी अयोध्या 53वें स्थान पर है। सबसे खराब स्थिति तो उस जिले की जहां इन दिनों विश्व का सबसे बड़ा आयोजन महाकुंभ चल रहा है। हम बात कर रहे हैं तीर्थराज प्रयागराज की। प्रयागराज की स्थिति विकास कार्यों में सबसे खराब है। प्रदेश की सूची में 74वें स्थान पर प्रयागराज पहुंच गया है। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि उनकी तैनाती कुछ दिन पूर्व ही हुई है। आगामी रैंकिंग में सुधार के लिए और प्रयास किए जाएंगे।
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Author: Vijay Singhal
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