हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। डीपीआरओ कार्यालय में शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने चार घंटे अभिलेख खंगाले। जांच टीम का फोकस लंबित रखी गईं पत्रावलियों के साथ ही कार्यालय में कर्मचारियों की तैनाती और उन्हें आवंटित कार्य पर रहा। तीन दिन तक टीम कार्यालय में अभिलेख खंगालेगी। विजिलेंस लखनऊ की टीम ने 4 फरवरी को डीपीआरओ किरन चौधरी और उनके सेवानिवृत्त चालक विजेंद्र को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद विशेष न्यायालय मेरठ ने दोनों को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को विजिलेंस आगरा से दो सदस्यीय जांच टीम मथुरा पहुंची। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह से मुलाकात के बाद टीम जांच के लिए विकास भवन पहुंची। यहां टीम ने सुबह 11 बजे से 3 बजे तक लगभग 4 घंटे पंचायत राज विभाग के अभिलेख खंगाले। विजिलेंस से आए जांच अधिकारियों ने डीपीआरओ के स्तर से लंबित पत्रावलियाें के साथ-साथ कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों और उन्हें आवंटित कार्यों से संबंधित अभिलेखों की भी पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम ये देख रही है कि जिन कार्यों के नाम पर रुपये मांगे जाने की शिकायत की गई है, वे कार्य कितने समय से और किस कारण से लंबित हैं। जांच के दौरान पंचायत राज विभाग के कर्मचारी भी सहमे हुए नजर आए। एसपी विजिलेंस आगरा आलोक शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच टीम अभिलेखों के साथ ही डीपीआरओ के आचरण के बारे में भी जानकारी करेगी। विजिलेंस टीम जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है। जांच में सहयोग के लिए टीम ने जिलाधिकारी से किसी अधिकारी को नामित करने की मांग की थी जो जांच में सहयोग कर सके। डीएम ने इसके लिए डीडीओ गरिमा खरे को नामित किया है। डीएम ने बताया कि विजिलेंस टीम की जांच में जो भी अभिलेख या जानकारी मांगी जाएगी वह डीडीओ के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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