हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ एवं ब्राह्मण महासभा के संयुक्त तत्वावधान में गत वर्षों में निकलने वाली वामन जयंती पर वामन भगवान की शोभा यात्रा इस वर्ष अभिनव कार्यक्रमों के साथ नये कलेवर में केसी घाट से शोभा यात्रा आरंभ होगी।
उक्त जानकारी संयुक्त बैठक में दी गई। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक पं. चन्द्र लाल शर्मा एवं ब्राह्मण महासभा के संरक्षक पं. सुरेश चन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि भव्यता एवं आकर्षण के साथ समाज को प्रेम, सद्भाव एवं राष्ट्रीयता के एक सूत्र में पिरोने वाली वामन भगवान की विशाल शोभा यात्रा के लिए तैयारियां प्रारम्भ कर दी गयीं हैं। ब्राह्मण सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य आनन्द वल्लभ गोस्वामी एवं परशुराम शोभा यात्रा के संयोजक समाज सेवी पं. आशीश गौतम चिंटू ने बताया कि वामन भगवान की शोभा यात्रा का स्वरूप अभिनव होगा। विभिन्न झांकियों के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव का सुखद संदेश बाहक बनने वाली यह शोभा यात्रा राष्ट्रीय सुख समृद्धि एवं शौर्य की परिचायक भी होगी। उन्होंने बताया कि शोभा यात्रा में देश के विभिन्न अंचलों के विप्र प्रतिनिधि भी सम्मलित होंगे। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के राष्ट्रीय महामंत्री पं. जगदीश नीलम एवं उपाध्यक्ष पं. बंसी विवारी ने बताया कि इस वर्ष वामन जयन्ती को साप्ताहिक उत्सव के रूप में मनाया जावेगा जिसमें भैरव वाली बगीची स्थित भगवान वामन मंदिर पर फूल बंगला तथा 56 भोग आयोजित किया जाएगा और वामन भगवान की भव्य नगर शोभा यात्रा निकाली जावेगी। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पं. महेश चन्द्र भारद्वाज एवं ब्राह्मण सेवा संघ के महानगर अध्यक्ष पं. गोबिन्द नारायण बृजवासी ने संयुक्त रूप से बताया कि वामन जयन्ती पर वामन भगवान की नगर शोभा यात्रा गोपीनाथ बाजार, रंगजी मंदिर, चुंगी चौराहा, अनाज मंडी, प्रताप बाजार, लोई बाजार बनखंडी, अठखंभा, पुराना शहर, विद्यापीठ होते हुए भैरव वाली बगीची पर सम्पन्न होगी
तदोपरान्त विप्र संगोष्ठी का आयोजन होगा। ब्रह्मचारी विमल चैतन्य एवं नीरज गॉड ने बताया कि भगवान गणेश,भगवान परशुराम तथा भगवान वामन देव की झांकी विशेष आकर्षण के केंद्र होगी, इसके अतिरिक्त 101 विप्रो बालको के स्वरूप भी होंगे, बैंड बाजे ढोल नगाड़े तथा झंडा बैनर के अतिरिक्त काली मैया का अखाड़ा आदि रहेंगे। बैठक में गण मान्य महानुभाव नागरिक उपस्थित रहे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
