हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महर्षि दयानन्द सरस्वती जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल दोनों में आग बुजाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ये दोनों अस्पताल आग बुझाने के सिलेंडरों के ही भरोसे हैं। जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सेफ्टी सिस्टम लगना है। करीब डेढ़ वर्ष से यह कार्य चल रहा है लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में अगर आग लगने की घटना होती है तो मरीज राम भरोसे ही होंगे। अस्पताल में मरीजों, कर्मचारियों और महंगे चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत फायर फाइटिंग सेफ्टी सिस्टम (अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली) का होना अनिवार्य है। यह सिस्टम आग का समय पर पता लगाने, उसे तुरंत बुझाने और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। जिला अस्पताल में आधुनिक फायर फाइटिंग सेफ्टी सिस्टम लगाया जा रहा है। इस कार्य की गति काफी धीमी है। करीब डेढ़ वर्ष हो जाने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। सीएमएस डाक्टर नीरज अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर अग्निशमन यंत्र (फायर सिलेंडर) लगे हुए हैं। महिला अस्पताल के सीएमएस डाक्टर अनिल के अनुसार पूरे परिसर में अग्निशमन यंत्र (फायर सिलेंडर) लगे हुए हैं। इनकी संख्या 35 से अधिक होगी। रूटीन प्रक्रिया में इनका रिनूबल कराया जाता है। एसएनसीयू में दो गेट हैं। उपयोग में एक ही गेट का प्रयोग किया जा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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