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महापौर और निगम अधिकारियों में जंग उफान पर पहुंची, बुलाई मीटिंग में आये चंद पार्षद-विरोधी रहे हावी

ByVijay Singhal

Oct 20, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महापौर और मथुरा वृंदावन नगर निगम के अधिकारियों के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। महापौर विनोद अग्रवाल द्वारा शनिवार को नगर निगम कार्यालय में बुलाई गई पार्षदों की बैठक में 70 में से मात्र 16 पार्षदों और उनके परिजनों के शामिल होने की बात कही जा रही है। बैठक में महापौर विनोद अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 1 साल से नगर निगम के अधिकारी कोई कार्य नहीं कर रहे। नगर आयुक्त के इशारे पर अधिकारी अहंकार और हठधर्मिता अपनाये हुए हैं। अधिकारी हमारे आदेश नहीं मानते मनमानी मनमर्जी काम कर रहे हैं हमारे पत्रों पर भी कार्रवाई करना वह उचित नहीं समझ रहे। हम जनता के प्रतिनिधि हैं जनता के प्रति हमारी जवाबदेही बनती है लेकिन कोई कार्य नहीं होने से हमारी असहाय स्थिति हो गई है। नगर निगम के कार्यों के टेंडर न कर कर उनको कुटेशन पर कराया जा रहा है दो स्थानों पर जमीन आबंटित कर दी गई हैं।

बैठक में उप सभापति मुकेश सारस्वत हनुमान पहलवान रचना रामकिशन बालकिशन चतुर्वेदी उमा दीक्षित अंकुर गुर्जर पूजा प्रदीप धनगर रेनू चौधरी ओमवती प्रियंका मंजू रूप किशोर पूनम तिवारी मधु बाबूलाल सुभाष चंद्र यादव डॉक्टर रूपन आदि उपस्थित थे। पिछले माह वृंदावन में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में कार्यकारिणी की घोषणा के बाद से महापौर और पार्षदों के एक गुट में तनातनी महौल बन गया । ये क्लेश कार्यकारिणी की बैठक निरस्त होने के बाद तो महापौर और पार्षदों के बीच पाले खिच गए। शनिवार को महापौर और पार्षदों के खेमे की अलग-अलग बैठकें हुईं। महापौर ने नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों में मनमानी किए जाने की बात कही तो पार्षद दल के नेता की मौजूदगी में हुई बैठकों में पार्षदों ने सम्मान, प्रत्येक वार्ड में समान रूप से विकास और नियम के अनुसार कार्यकारिणी गठित किए जाने की बात कही।13 सितंबर को वृंदावन के एक होटल में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। महापौर विनोद अग्रवाल ने एजेंडा में शामिल 15 प्रस्तावों के अलावा 14 अन्य प्रस्ताव अचानक रखे जिन्हें पास किया गया। अंत में कार्यकारिणी में नए सदस्यों की घोषणा भी अचानक कर डाली। यही निर्णय महापौर और पार्षदों के बीच अंतर्कलह की वजह बन गए। इस प्रकरण में पार्षदों की जीत होने पर महापौर के पुत्र अंकुर अग्रवाल ने शनिवार शाम चार बजे नगर निगम हाल में पार्षदों को बैठक आयोजित कर बुलाया। इसमें महापौर ने कहा नगर निगम अधिकारियों ने टेंडरों को पूल कराकर दोगुनी कीमत में काम दे दिए। नगर निगम के कर्मचारी लोगों से वसूली कर रहे हैं। ठेकेदारों को काम पूर्ण होने के बाद एक माह में भुगतान किए जाने आदि अनियमितताओं का मैंने विरोध किया मगर अधिकारियों ने इस ओर कुछ नहीं किया। राजवीर सिंह की मौजूदगी में जैन चौरासी मंदिर प्रांगण में पार्षदों की बैठक हुई। यहां सभी पार्षदों ने मांग उठाई कि महापौर की हिटलरशाही नहीं चलेगी।

संख्या बल में विरोधी पार्षद जीते

महापौर के पुत्र अंकुर अग्रवाल द्वारा नगर निगम सभागार में नगर निगम में वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक बुलाई थी। यहां पार्षदों के अलावा उनके प्रतिनिधि भी बुलाए गए थे। महापौर की बैठक में 16 पार्षद एवं उनके प्रतिनिधि बताए गए हैं। दूसरी ओर विरोधी पार्षदों की बैठक में करीब 52 पार्षद रहे। संख्या बल में भी विरोधी पार्षद मजबूत रहे। पार्षद दल के नेता राजवीर सिंह का दावा है कि उनकी बैठक में 54 पार्षद शामिल हुए। इस बैठक में नीनू कुंजबिहारी भारद्वाज राजीव सिंह आदि शामिल रहे।

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Author: Vijay Singhal

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