• Tue. Jun 30th, 2026

सपा का फार्मूला- जो BJP को हराए, उसी को टिकट-समर्थन:इसीलिए बरेली-वृंदावन में निर्दलीयों को समर्थन, ऐन वक्त पर कई टिकट भी बदले

ByVijay Singhal

May 2, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव से पहले टिकट बंटवारे को लेकर उथल-पुथल हर राजनीतिक दल में हुई। भाजपा ने एक बार चेयरमैन-मेयर पद पर जो प्रत्याशी घोषित कर दिए, फिर उनमें कोई बदलाव नहीं किया। लेकिन सपा ने मेयर की सूची 2 बार निकाली। दो सीटों पर निर्दलीयों को समर्थन दिया, वहीं दो शहरों में आखिरी वक्त में मेयर प्रत्याशी बदल दिए। इसके पीछे राजनीतिक जानकार कहते हैं कि इस बार निकाय चुनाव में सपा का फोकस इस बात पर है कि जो भाजपा को हरा दे, टिकट-समर्थन उसी को दे दिया जाए। इसलिए सपा ने बरेली, वृंदावन और लोनी सीट पर यही फार्मूला लागू किया। जो मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी हैं, उनको समर्थन दे दिया। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा- नगर निकायों में हमारे पास दावेदारों की लिस्ट लंबी थी। दावेदार भी एक से एक मजबूत थे। इसलिए प्रत्याशी चयन में आखिरी वक्त तक बदलाव हुआ। जहां पर निर्दलीयों को समर्थन दिया है, वे भी कभी न कभी सपा से जुड़े रहे हैं और सपा का ही अंग हैं।

मथुरा-वृंदावन नगर निगम
तुलसीदास के बाद राजकुमार पर दांव

सपा ने 19 अप्रैल को यहां पर तुलसीराम शर्मा को मेयर प्रत्याशी घोषित किया था। तुलसीराम की गिनती मुलायम सिंह यादव के करीबियों में होती थी। वे सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रहे हैं और पार्टी की स्थापना के वक्त से ही जुड़े हैं। सपा ने प्रत्याशी घोषित करने के 6 दिन बाद ही यहां अपना प्रत्याशी बैठाते हुए निर्दलीय राजकुमार रावत को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। राजकुमार रावत कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए और फिर मेयर प्रत्याशी घोषित हुए। लेकिन आखिरी वक्त में कांग्रेस से दावेदारी रद हो गई। जिस पर राजकुमार रावत ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा है। बता दें कि प्रत्याशी घोषित होते ही तुलसीराम शर्मा का अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। तभी से माना जा रहा था कि सपा उनका टिकट काट सकती है। राजकुमार को समर्थन देने की वजह यही थी कि वे निर्दलीय थे और सपा के पास मजबूत प्रत्याशी कोई और नहीं था।
बरेली नगर निगम
सपा प्रत्याशी का नामांकन वापस, आईएस तोमर को लड़ा रही सपा

2 बार मेयर रह चुके डॉक्टर आईएएस तोमर ने शुरुआत में सपा से टिकट मांगा था। पार्टी भी उन्हें टिकट देने के लिए तैयार थी। लेकिन डॉक्टर तोमर ने फैसला लिया कि अगर भाजपा से निवर्तमान मेयर उमेश गौतम को दोबारा टिकट मिला, तो ही वे उनके सामने चुनाव लड़ेंगे। आखिर भाजपा ने उमेश गौतम को प्रत्याशी बना दिया। तब तक डॉक्टर तोमर का मूड बदल गया। उन्होंने सपा का सिंबल लेने से इनकार कर दिया और निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही। ऐसे में सपा ने अजय सक्सेना को प्रत्याशी घोषित कर दिया। सपा के स्थानीय नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट भेजकर बताया कि आईएएस तोमर ही बेहतर प्रत्याशी साबित होंगे। आखिरकार पार्टी नेतृत्व के कहने पर अजय सक्सेना का नामांकन वापस कराया गया और फिर सपा ने आईएएस तोमर को समर्थन देने की घोषणा की है।

शाहजहांपुर नगर निगम
पूर्व मंत्री की बहू को छोड़ माला राठौर को लड़वा रही पार्टी

सपा ने यहां पर अर्चना वर्मा को मेयर प्रत्याशी बनाया। अर्चना वर्मा सपा सरकार में मंत्री रहे राममूर्ति वर्मा की बहू हैं। वे खुद 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। अर्चना के पति राजेश वर्मा 2022 में सपा से विधानसभा चुनाव लड़े और भाजपा के सुरेश खन्ना से हार गए थे। सपा प्रत्याशी घोषित होने के 24 घंटे बाद ही अर्चना वर्मा ने बड़ा खेल कर दिया और भाजपा जॉइन कर ली। हालांकि अर्चना का कहना था कि वे सपा की गुटबाजी से परेशान हो चुकी थीं, इसलिए पार्टी छोड़नी पड़ी। इसके तुरंत बाद सपा ने माला राठौर को प्रत्याशी बनाकर पर्चा दाखिल कराया। माला राठौर पहली दफा चुनाव लड़ रही हैं।

गाजियाबाद नगर निगम
यहां सीधे रालोद-भाजपा में फाइट

सपा ने वरिष्ठ नेता पीएन गर्ग की पत्नी नीलम गर्ग को 15 अप्रैल को मेयर प्रत्याशी घोषित किया। नीलम गर्ग समाजसेवी हैं और शिक्षण संस्थान से जुड़ी हैं। पीएन गर्ग साल-2022 में ही कांग्रेस छोड़कर सपा में आए थे। एक साल में ही पत्नी को मेयर टिकट मिलने से सपा के कुछ नेताओं में विरोधाभास शुरू हो गया। जिसके बाद 19 अप्रैल को नीलम गर्ग का टिकट काटकर पूनम यादव को प्रत्याशी घोषित कर दिया। पूनम यादव बम्हैटा गांव निवासी सुरेंद्र उर्फ सिकंदर यादव की पत्नी हैं। मेयर के अलावा सपा ने लोनी नगर पालिका सीट पर भी बदलाव किया। अपनी पार्टी की प्रत्याशी हसीना इरदीसी को बैठाते हुए रालोद प्रत्याशी रंजीता धामा को समर्थन दिया है। अब यहां सीधे रालोद-भाजपा में फाइट हो गई है।

झांसी, हापुड़, रायरबेली, बाराबंकी में भी बदले प्रत्याशी
झांसी में भी प्रत्याशी बदलने की स्थिति आई। हापुड़ में पिलखुवा नगर पालिका से सपा ने पहले मोहम्मद बिलाल को प्रत्याशी बनाया, बाद में टिकट काट दिया। जिसके बाद बिलाल बागी हो गए हैं। यही स्थिति हापुड़ नगर पालिका सीट पर हुई है। पहले अनिल आजाद को प्रत्याशी बनाया, फिर उनका नाम काट दिया। रायबरेली, बाराबंकी में भी ऐन वक्त पर प्रत्याशी बदले गए हैं। बुलंदशहर जिले में तीन नगर पंचायत सीटों पर आखिरी वक्त में सपा ने टिकट बदले। हालांकि यहां टिकट वितरण में पैसा लेने के आरोप लगे थे।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.