हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राया थाना क्षेत्र के गांव अयेरा के पास बीती चार मई को बक्से में अधजला शव मिलने की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से दो मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हैं। जांच में पता चला है कि मृतक के बेटे ने ही समलैंगिक संबंधों के विरोध में अपने तीन साथियों के साथ पिता की हत्या की थी। शव को एक दिन घर में ही छुपाने के बाद तीन मई की रात बक्से में डालकर आग लगा दी थी। चारों आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि शव की शिनाख्त मोहनलाल शर्मा निवासी अंतापाड़ा, शहर कोतवाली के तौर पर हुई है। जांच में पता लगा कि मोहनलाल के 23 वर्षीय अविवाहित बेटे अजीत के कृष्णा पुत्र मुन्नालाल निवासी प्रताप नगर, जमुनापार के साथ समलैंगिक संबंध है। कृष्णा के जरिये उसकी मुलाकात घीया मंडी के लोकेश पुत्र राकेश और मोहल्ला गुजराना चौबियापाड़ा के दीपक से हुई थी। मोहनलाल बेटे के समलैंगिक संबंधों का विरोध करता था। एक मई को उसने इस मामले को लेकर कृष्णा और अजीत को थप्पड़ भी मार दिए थे। इसके बाद दोनों ने लोकेश और दीपक संग मिलकर दो मई की रात मोहनलाल की घर में ही सब्बल से वारकर हत्या कर दी। तीन मई की रात शव को बक्से में बंद कर बाइक पर राया क्षेत्र में ले गए। वहां शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने लोकेश और दीपक को रविवार को यमुनापुल के नीचे श्मशान घाट से गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में पता लगा कि कृष्णा और अजीत हाथरस भाग गए हैं। वे रविवार देर रात वापस आएंगे। इस पर पुलिस ने राया थाना क्षेत्र में हाथरस रोड भूडरी बंबा के पास चेकिंग शुरू कर दी। देर रात 2.50 बजे जब दोनों आरोपी पहुंचे और पुलिस ने पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी। अजीत को पति मानने लगा था कृष्णा
अजीत अपने इकलौता बेटा है। उसकी मां विमलेश की दो दशक पहले मौत हो चुकी है। 12वीं पास अजीत कपड़े की दुकान पर काम करता है। उसकी दोस्ती पांच साल पहले कृष्णा से हुई थी और दोनों में समलैंगिक संबंध हो गए। कृष्णा रास मंडलियों में सखी का किरदार करते हुए नृत्य करता था। लोकेश और दीपक भी मंडलियों में नृत्य करते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कृष्णा, अजीत को अपना पति मानने लगा था। वह उसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं था।
कृष्णा को थप्पड़ मारना बना हत्या की मुख्य वजह
अजीत ने बताया कि एक मई को पिता ने कृष्णा, जिसे वह अपनी पत्नी की तरह मानता है, उसे थप्पड़ मारे थे। यह बात उसे नागवार गुजरी। इसकी रंजिश में दो मई की रात पिता की सब्बल से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पलंग के नीछे छिपा दिया था। घर में बदबू फैलने लगी तो धूपबत्ती व अगरबत्ती जलाई। मोहल्ले के लोगों को शक हुआ तो वे पिता के विषय में पूछने लगे। उसने सभी को बताया था कि वह टैक्सी लेकर लखनऊ गए हैं। दो-तीन दिन पिता को नहीं देखा तो लोग उनके बारे में ज्यादा पूछताछ करने लगे। भेद खुलने के डर से वह खुद बंगली घाट चौकी पर पहुंचा था। वहां उसने पिता की गुमशुदगी की बात बताई थी। हालांकि गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी। एसपी देहात ने एसएसपी से खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की संस्तुति की है। टीम में इंस्पेक्टर राया अशोक कुमार, स्वाट प्रभारी अभय शर्मा, सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा, एसआई कृष्ण कुमार, विनय कुमार, दीपक नागर, संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल राघवेंद्र, गोपाल सिंह, संजीव कुमार, कांस्टेबल अजय कुमार, रमन चौधरी, प्रीत कुमार, राहुल बालियान, योगेश कुमार शामिल रहे। हत्यारोपी बेटे का डीएनए ही बनेगा साक्ष्य अजीत का उसके मृत पिता के साथ डीएनए मिलान कराया जाएगा। दरअसल, शव बुरी तरह जल गया है। इससे स्पष्ट रूप से उसकी शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस का मानना है कि सिर्फ बेटे ने ही शिनाख्त करते हुए वारदात कबूल की है। वह कोर्ट में शिनाख्त से मुकर न जाए। इसलिए मजबूत साक्ष्यों के लिए मृतक का डीएनए सैंपल और उसके बेटे के डीएनए सैंपल का मिलान हैदराबाद की फॉरेंसिक लैब से कराया जाएगा। लोकेश के मां-पिता की हो मौत चुकी है। आरोपी लोकेश के पिता और मां की मौत हो चुकी है। उसके दादी-दादा ने उसे पाला था। परिवार में छह भाई-बहन हैं। इधर, कृष्णा के पिता ने उसकी मां को तलाक देकर दूसरी शादी कर ली है।
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Author: Vijay Singhal
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