हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि भोजशाला पर निर्णय आते ही विश्व के सनातनियों में आनंद की लहर दौड़ गई, क्योंकि भोजशाला के पीछे का सच दुखदाई, अपमानजनक था भोजशाला और देवी सरस्वती की प्रतिमा को खंडित करना बहुत ही कष्टदायक रहा। अब बहुत जल्द देवी सरस्वती की मूर्ति लंदन से लाई जाएं और गर्भगृह में विराजित की जाएं, जब जाकर यह अनुष्ठान संपन्न होगा। यह बात उन्होंने वात्सल्य ग्राम स्थित संविद गुरुकुलम गर्ल्स सैनिक स्कूल में कहीं। साध्वी ऋतंभरा के साथ कवि एवं गीतकार कुमार विश्वास ने उनके गुरु भाई एवं लेखक देवेंद्र शुक्ल द्वारा लिखित पुस्तक साध्वी ऋतंभरा और राम जन्मभूमि आंदोलन का विमोचन किया। इस दौरान कुमार विश्वास ने पुस्तक को राम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पक्षों को जनमानस तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया। धार के भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित करने के मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय पर साध्वी ने कहा कि वह विशाल विश्वविद्यालय था, जहां अलाउद्दीन खिलजी और दिलावर खान ने 1200 विद्यार्थियों की हत्या कर कुंड में फेंका था। वह राजा भोज के सपनों का संसार था। भोजशाला वह पवित्र स्थान है जहां राजा भोज को देवी सरस्वती का साक्षात्कार हुआ। उस जगह पर इतने लंबे संघर्ष के बाद हम विजयी हुए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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