हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण जिले की करीब 35 फीसदी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इससे मुतवल्लियों में अफरातफरी है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अंतिम मौका देते हुए मुतवल्लियों को पांच जून तक पंजीकरण कराने का मौका दिया है। वक्फ को-ऑर्डिनेटर डॉ. शबनम कुरैशी ने बताया कि जिले में कुल 1240 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से अब तक केवल 65 फीसदी संपत्तियों का ही पंजीकरण हो सका है। शेष 35 प्रतिशत संपत्तियों के कागजातों में नाम, रकबा समेत अन्य विसंगतियां पाई गईं, जिसके चलते पोर्टल पर उनका पंजीकरण निरस्त हो गया है। केंद्र सरकार ने उन सभी वक्फ संपत्तियों के मालिकों को अंतिम अवसर दिया है, जिनका पंजीकरण निरस्त हुआ है। उन्हें पांच जून तक अपने दस्तावेज को ठीक करके पुनः आवेदन करने के लिए कहा है। वक्फ को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि निरस्त की गई संपत्तियों के खसरा नंबर वक्फ बोर्ड में दर्ज नंबर से मिलान नहीं हो पाया। कई का रकबा ज्यादा है। कई का राजस्व अभिलेखों में रकबा बदल गया है। कुछ कब्रिस्तान, दरगाह का खसरा दो-दो वक्फ में दर्ज पाया गया है। इस कारण इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त किया गया।
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Author: Vijay Singhal
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