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देवोत्थान एकादशी पर परिक्रमा मार्ग में बनी अटूट मानव श्रंखला:राधे-राधे की हुई गूंज, लाखों भक्तों ने लगाई वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा

Byvijay.singhal1233

Nov 4, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। देवोत्थान एकादशी पर धर्म नगरी वृंदावन में सुबह से ही तीन वन और पंचकोसीय परिक्रमा के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। भोर के समय हल्के से कोहरे की चादर में लिपटे परिक्रमा मार्ग में अटूट मानव श्रंखला दिख रही थी। द्वापर युग में कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने तीन वन यानि मथुरा, वृंदावन और गरुड़ गोविंद की परिक्रमा लगाई थी। उनके साथ ब्रजवासियों ने भी परिक्रमा लगाई थी। तभी से इस परम्परा का निर्वहन भक्तों द्वारा किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि तीन वन परिक्रमा करने से भक्त के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामना पूर्ण होती है। देवोत्थान एकादशी पर मथुरा के चतुर्वेदी समाज के लोगों ने गुरुवार को कंस वध की प्रतीकात्मक लीला के बाद मध्य रात्रि से ही तीन वन की परिक्रमा शुरु कर दी। वहीं वृंदावन नगर के लोगों ने यहां की पंचकोसीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाया। परिक्रमा का यह क्रम देर सायं तक चलता रहा। पूरा परिक्रमा मार्ग राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। उनके साथ ब्रजवासियों ने भी परिक्रमा लगाई थी। तभी से इस परम्परा का निर्वहन भक्तों द्वारा किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि तीन वन परिक्रमा करने से भक्त के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामना पूर्ण होती है।देवोत्थान एकादशी पर मथुरा के चतुर्वेदी समाज के लोगों ने गुरुवार को कंस वध की प्रतीकात्मक लीला के बाद मध्य रात्रि से ही तीन वन की परिक्रमा शुरु कर दी। वहीं वृंदावन नगर के लोगों ने यहां की पंचकोसीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाया। परिक्रमा का यह क्रम देर सायं तक चलता रहा। पूरा परिक्रमा मार्ग राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। निगम प्रशासन द्वारा सफाई की समुचित व्यवस्था के लिए चप्पे-चप्पे पर सफाई कर्मचारी तैनात किए गए। वहीं पुलिस प्रशासन भी परिक्रमा पर पैनी नजर रखे हुए था। सीओ सदर प्रवीण मलिक, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सूरज प्रकाश शर्मा समेत सभी चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे थे। श्रीहरिदासीय राधाप्रसाद देव ट्रस्ट द्वारा गोपाल खार के निकट, बालाजी ग्रुप द्वारा अटल्ला चुंगी समेत अन्य स्वयंसेवी संस्था, आश्रम एवं मंदिर संचालकों द्वारा परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए कहीं हलवा पूड़ी, साग पूड़ी, खीर, फल, चाय और फलाहर आदि का वितरण किया गया। वहीं कई जगह प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर लगाकर नि:शुल्क उपचार किया गया। देवोत्थान एकादशी पूजा के लिए परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह पूजा सामग्री और गन्ना की बिक्री हो रही थी। लोग शाम के समय पूजा के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे थे।
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