हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। जिले में बिना मान्यता संचालित हो रहे 35 स्कूलों पर नोटिस के बाद भी जुर्माना न भरने पर अब एफआईआर व सीलिंग की कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इससे इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की भी आशंका है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) और शासन के कड़े निर्देशों का उल्लंघन करने पर पूर्व में इन सभी अमान्य स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो स्कूल प्रबंधकों द्वारा जुर्माना राशि जमा की गई है और न ही कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया है। इन स्कूलों में बिना मान्यता 1 से 5 व 6 से 8 तक की अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। पूर्व में जारी आदेशों के बावजूद बिना मान्यता चल रहे स्कूलों से वसूले गए एक लाख रुपये प्रति विद्यालय जुर्माने की राशि सरकारी मद में जमा न होने और ब्लॉक स्तर से रिपोर्ट न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुख्यालय को इस वसूली प्रक्रिया का प्रभारी नियुक्त किया है। बीईओ मुख्यालय को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से तालमेल बिठाकर आर्थिक दंड की धनराशि को कोषागार में जमा कराएं । बीएसए रतन कीर्ति ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों ने जुर्माना जमा नहीं किया है, उन पर अब रोजाना 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, आदेश का पालन न करने वाले प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने और भवनों को सील करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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मथुरा जनपद में जुर्माना न भरने पर स्कूलों पर एफआईआर और सीलिंग की तैयारी
