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मथुरा। गुड़गांव में दशहरा के अवसर पर स्नान और आचमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। ही नहीं, घाटों के किनारे लगे फुव्वारे भी चालू नहीं हुए, ताकि लोग वहां आचमन कर सकें। पवित्र त्योहार के मकबरे पर भी डूबे हुए समुद्र तट के लिए मजबूर किया गया। पिछले दिनों मानसी गंगा में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में विश्विद्यालय स्नान करने की जानकारी नहीं दी गई। इन लोगों में असंतोष और अशांति का माहौल रहा। घाटों तक के कई घातक घाटों की आसपास की व्यवस्था में बदलाव या वैकल्पिक व्यवस्था की उम्मीद की जा रही है, लेकिन स्थिति जस की तस रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, फव्वारे ने यहां के भवनों और भवनों का निर्माण किया, लेकिन उन्हें चालू नहीं किया गया। कई लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन पहले से तैयारी करता तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी। पूरे दिन गणतंत्र में इस जयंती को लेकर चर्चाएँ चलती रहीं। कलाकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मानसी गंगा पर अधिकमास में यादगार यादों का लेकर स्मारक स्नान करने वाले को प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि कोई असामान्य घटना न हो।
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Author: Vijay Singhal
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