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वृंदावन की सफाई व्यवस्था से नाखुश हुए नगर आयुक्त , निजी सफाई एजेंसियों की लगाई क्लास

ByVijay Singhal

May 24, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर नवागत नगर आयुक्त काफी गंभीर है। शुक्रवार को उन्होंने प्रातः काल सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में अभी और सुधार की आवश्यकता है। सभी जनरल सैनेटरी ऑफिसर और मुख्य सफाई निरीक्षक स्वयं सड़क पर खड़े होकर सफाई कार्य को अंजाम दें। मथुरा वृंदावन नगर निगम के आयुक्त जग प्रवेश का कहना है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां सुंदर भाव लेकर आते हैं ऐसे में उनको वृंदावन में विशेष साफ-सफाई मिले तो सुखद अनुभूति होगी।
नगर आयुक्त जग प्रवेश शुक्रवार प्रात : 08:30 बजे वृन्दावन नगर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने पहुंचे । उन्होंने सर्वप्रथम विद्यापीठ चौराहा से श्री बांकेबिहारी जी मंदिर तक मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई कार्य संतोषजनक न पाये जाने के दृष्टिगत बिहारीपुरा में सफाई का कार्य कर रही संस्था मै. बी.वी.जी. इण्डिया लि. के सफाई कर्मी एवं सुपरवाइजर को डांट लगाई । नगर आयुक्त ने प्रेम मंदिर से लेकर छटीकरा तक मुख्य मार्ग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उक्त मार्ग पर सफाई का कार्य कर रही संस्था मै. किंग सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज को भी सफाई कार्य में सुधार लाये जाने के निर्देश दिये। नगर आयुक्त ने उक्त दोनो संस्था को कड़े निर्देश देते हुये स्पष्ट रूप से कहा कि साफ-सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। वृन्दावन नगर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है। इस हेतु साफ-सफाई के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत न होने पाये। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक जोनल सेनेटरी ऑफिसर महेश चन्द मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेशचन्द निरीक्षक अधिकारी सुभाष उपस्थित रहे।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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