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दूसरों को भी स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें स्वयंसेवक : मोहन भागवत

ByVijay Singhal

Jun 15, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन फिर पंच परिवर्तन के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि नागरिक कर्तव्यों का पालन स्वयंसेवक खुद ही करें और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें। संघ प्रमुख ने स्वदेशी पर भी चर्चा की और कहा कि स्वदेशी अधिक से अधिक अपनाएं। समाज में जाकर दूसरों को भी स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें। फरह के गांव परखम स्थित पं. दीनदयाल गो-विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे पश्चिम उत्तर प्रदेश कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में बुधवार को पहुंचे संघ प्रमुख शनिवार को अपने प्रवास के अंतिम दिन सुबह संघ स्थल पर शाखा में शामिल हुए। इसके बाद सुबह 10.50 बजे उन्होंने संवाद सत्र में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों से शताब्दी वर्ष पर जोर देकर कहा कि विजयादशमी पर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम होंगे। इसका प्रारंभ विजयादशमी से पूर्ण गणवेश में होगा। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों से कहा कि हमें शताब्दी वर्ष के लिए जो भी दायित्व मिले हैं, उनका पूरी तरह निर्वहन करें। इसके लिए उन्होंने संघ की शाखाओं को विस्तार करने पर जोर दिया और मजबूत करने को कहा। इसके अलावा करीब तीन बजे से उन्होंने स्वयंसेवकों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र में हिस्सा लिया। स्वयंसेवकों ने यहां कई तरह के सवाल कर अपनी जिज्ञासा शांत की। कुछ स्वयंसेवकों ने शाखाओं को मजबूत करने का तरीका पूछा। एक स्वयंसेवक ने शताब्दी वर्ष में किस तरह से कार्य करना है, यह सवाल किया। जबकि पंच परिवर्तन को किस तरीके से समाज में ले जाएं, इस पर भी स्वयंसेवकों ने सवाल किए।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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